फतेहपुर । नहरों के रखरखाव व जल संरक्षण को लेकर सरकार द्वारा देश के कई प्रदेशों में जल उपभोक्ता समितियों का गठन किया गया था और नहर राजबहा व अल्पिकाओं मे पदाधिकारियों का चयन किया गया था । इसी क्रम में फतेहपुर कमांड व लोअर गंगा कैनाल के राज बहो व अल्पिकाओं मे भी जल उपभोक्ता समितियों का गठन किया गया । समय समय पर समितियों के सदस्यों को पिम योजना के तहत जिला स्तर तक में आवासीय प्रशिक्षण दिया गया । जिससे समितियां नहर विभाग के अधिकारियों से सामंजस्य बनाकर नहरों का रखरखाव कर सकें ।
नहर विभाग के अधिकारियों ने गठित समितियों के कोषाध्यक्ष,सचिव व अध्यक्षों के साथ बैकों में सयुंक्त खाते भी खुलवाए । फतेहपुर जनपद में समितियों के गठन के बाद बैंक खाते खोलने के साथ ही अधिकारियों ने चुप्पी साध ली । हालात ए हुए कि गठित समितियां एक लम्बे समय के बाद भी क्रियाशील नही हो पायीं है ।
गत दिवस बिंदकी तहसील के ग्राम कंशमीरीपुर में डब्ल्यू डब्ल्यू एफ की ओर से अल्पिकाओं की जल उपभोक्ता समितियों के प्रशिक्षण का एक दिवसीय आयोजन किया गया जहाँ से यह बात खुलकर सामने आई कि जनपद की 98 प्रतिशत समितियां आज भी क्रियाशील नहीं है । क्रियाशील भी तो कैसे जब उन्हें विभागीय अधिकारियों द्वारा अभीतक कोई जानकारी ही नही दी गई है कि उनके खाते किस बैक में खुले है पेन टिन बैंक पासबुक,कैश बुक व चेकबुक किसके पास है । एक क्रियाशील समिति के लिए सबसे जरुरी कागजातों में से है । मस्टरोल कुलाबा समितियों की भी जानकारी उपलब्ध कराई गई है । सभी जानकारियों से सभी जल उपभोक्ता समितियां अनभिज्ञ है । अल्पिका जल उपभोक्ता समितियों के खाते सहायक अभियंता के साथ तथा अधिशाषी अभियंता के साथ राज बहो के पदाधिकारियों के साथ खोले गए हैं ।
पिम के अनुसार सामान्य सभा के कृषक उपभोक्ताओं द्वारा कुलाबा समिति, कुलाबा समितियों के द्वारा अल्पिका जल उपभोक्ता समितियों के पदाधिकारियों का चयन और अल्पिका के पदाधिकारियों द्वारा राजबहा जल उपभोक्ता समितियों के पदाधिकारियों का चयन करते है ।
जानकारी के अनुसार कुलाबा,अल्पिका एवं राजबहा समितियों के गठन की सम्पूर्ण जानकारी सिर्फ नहर विभाग के पास है । जिसकी जानकारी गठित समितियों को नही दी गई है । ऐसे समितियों के क्रियाशील होने,विकासशील व विकसित होने का सवाल खडा होता है । जब कि शासन की मंशा के अनुरूप अन्य प्रांतों मे विभागीय सहयोग से जल उपभोक्ता समितियां विकसित है और नहरो को रोस्टर के मुताबिक पानी मिल रहा है और ओसराबंदी के अनुसार सभी कृषकों को पानी मिल रहा और उन्हें फसलों का लाभ मिल रहा है ।
लोअर गंगा नहर के सहायक अभियंता के साथ बैंक में खाता खोला गया था लेकिन आज तक बैंक पासबुक चेक बुक नही दी गई है । खाता खुलने के बाद से कभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई ।
शिवदास पाण्डेय कोषाध्यक्ष, जल उपभोक्ता समिति माइनर बकेवर विभाग द्वारा समिति का खाता खोलने के लिए बैंक के कागजों में दस्तखत कराकर आधार कार्ड की फोटो कापी ले ली गई थी । खाता किस बैंक की किस शाखा में खाता खोला गया है अभी तक नही बताया गया नही पासबुक व चेक बुक दी गई है । अगर खोले गए खाते से कोई लेनदेन विभाग ने किया है तो वह जिम्मेदार है ।
