कानपुर । सरसौल स्थित सैकड़ों वर्ष पुराना श्री नन्देश्वर धाम मंदिर में स्थापित है । यहां पर पिछले 20 सालों कावड़ियों द्वारा आठवीं होली को होलिका दहन का कार्यक्रम किया जाता है । इसके बाद श्री नन्देश्वर शिवलिंग पर ठंडाई का प्रसाद चढ़ा कर शिव भक्तों में वितरित किया गया ।

होलिका दहन में आसपास के गांव समेत विभिन्न क्षेत्रों से लोग बाबा श्री नन्देश्वर धाम मंदिर पहुंचकर पूजा- अर्चना कार्यक्रम का लुत्फ उठाया । यहां मंदिर प्रांगण में शिव भक्तों द्वारा भजन कीर्तन व फाग का आयोजन किया गया । जिसमें लोगों ने एक दूसरे को गले मिल कर अबीर गुलाल रंग लगाया जाता हैं ।
वही भारतपुरवा गांव के रहने वाले भक्त महेंद्र पाल ने बताया कि सैकड़ों वर्ष पुराना स्वयं भू शिवलिंग स्थापित है जो श्री नन्देश्वर धाम मंदिर के नाम से जाना जाता है । यहां शिवरात्रि को विशाल मेला का आयोजन किया जाता है । जिसमें आसपास सहित दूर दूर गांव के लोग मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं । शिव मंदिर में कावंड़िये कावंड़ लेकर आते हैं ।
तिलशहरी गांव के रहने वाले नारेंद्र सिंह ने बताया कि श्री नन्देश्वर धाम मंदिर प्रांगण में समिति के द्वारा होली की अष्ठमी को भजन कीर्तन व फाग का आयोजन किया गया । इसके पश्चात शाम को श्रद्धालुओं ने होलिका दहन किया । भक्तों ने जल राख को माथे पर लगाया और अपने-अपने घरों में ले गए ।
सरसौल के श्री नन्देश्वर धाम मंदिर पहुंचकर आसपास सहित गांव के लोग बाबा का प्रसाद ग्रहण किया । उन्होंने ने कहा कि ये कार्यक्रम मंदिर पर पिछले बीस वर्षो से निरंतर होता आ रहा है । आठव होरी में भजन कीर्तन व फाग का आयोजन निरंतर होता आ रहा है । आठव होरी की शाम मंदिर परिसर में होली जलाई गई । जिसमें जो कांवड़िया अपना डोला ले जाते हैं उन डोलों को भी उसी अग्नि मे समाहित कर अग्नि में डाल दिया जाता है । इसमें कांवड़ समिति के लोगों का विशेष सहयोग रहता है ।
इस अवसर पर राजेन्द्री यादव अध्यक्ष,हरिपाल सिंह यादव,राजू गुप्ता ,रजत गुप्ता,महेंद्र पाल आदि भक्त मौजूद रहे ।
