– मतदाताओं की चुप्पी बड़ा प्रश्न चिन्ह
– सभी दल के प्रत्याशी जीत की लगाए कयास
वरिष्ठ पत्रकार रवीन्द्र त्रिपाठी की खास रिपोर्ट
Fatehpur । फतेहपुर का सांसद चुनने के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई । पांचवें चरण में होने वाले 20 मई के मतदान का चुनाव प्रचार बीती शाम थम गया है यहां के 19 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में किसी एक की दिल्ली की डगर को आसान बनाएंगे । शायद यह पहला चुनाव है । जब चुनावी चिल्लपों व चकचक ज्यादा नहीं सुनाई पड़ी । आम मतदाता चुप है । मतों के ध्रुवीकरण को लेकर आशंकित राजनीतिक दल हर उस पाए में कील ठोकनें का प्रयास किया हैं । जिसमें उन्हें कमजोरी नजर आ रही थी । कहने के लिए कुछ भी कहा जाए लेकिन चुनाव एक पर एक में आ टिका है । जीत की हैट्रिक लगाने को भाजपा ने यहां पूरी ताकत झोंकी है ।
राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री,उप मुख्यमंत्री सहित दर्जन भर मंत्रियों एवं बड़े नेताओं के कार्यक्रम लगे । मास्टर स्ट्रोक लगाने को लेकर जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के जरिए लोगों में जोश व जुनून पैदा करने की कोशिश की गई लेकिन वह सफलता हांथ नहीं लगी जैसा भाजपाई चाह रहे थे । हो कुछ भी लेकिन भाजपा के लिए फतेहपुर लोकसभा की सीट अब नाक का सवाल बन गई है । वहीं समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है ।
फतेहपुर लोकसभा का चुनाव यहां 20 मई को कल होने जा रहा है । चुनावी हो हल्ला बीती शाम से बंद हो गया है । भाजपा,कांग्रेस-सपा गठबंधन तथा बसपा ने मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रखा है । लेकिन जिस तरीके से जिले का चुनावी मिजाज बना है । वह इससे पहले कभी भी देखने को नहीं मिला । मतदाताओं ने चुप्पी साध रखी है तो बयानों,वायदों ,इरादों का सिलसिला चुनाव प्रचार बंद होने के बाद भी नेताओं का जारी है । मतदाताओं को अपने-अपने पाले में लाने की जी-तोड़ कोशिश की है । लेकिन हकीकत में तो मतदाताओं ने अपना मन बना लिया है और उसी पर अपना मतदान करेंगे जातीय समीकरणों के लिहाज से जिले का चुनाव अंतिम मोड़ पर है । मतों के चल रहे कतरब्योंत ने नेताओं के दिलों की धड़कन बढ़ा रखी है भाजपा मुद्दों व विकास से कहीं ज्यादा जग के तारणहार भगवान राम व मंदिर के भरोसे चुनावी नैया पार लगाने का भरसक प्रयास किया है ।
केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाएं नेता गिना रहे हैं आतंकवाद, पाकिस्तान, गुंडाराज एवं गुंडे भी भाजपा के केंद्र में है । भाजपा के नेता राहुल व अखिलेश को निशाने पर रखे हैं । चुनावी सभा में अलग-अलग तरीके से मतदाताओं के बीच करंट पैदा करने की कोशिश जरूर की गई । लेकिन चुनाव इतना साइलेंट मोड में है कि किसी भी मुद्दे को मतदाताओं ने तरजीह ही नहीं दी ।
वहीं कांग्रेस-सपा गठबंधन के प्रत्याशी नरेश उत्तम पटेल को चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के कुछ नेता ही आगे आए । अखिलेश की जनसभा के जरिए समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के नेता विकास की बात कर रहे हैं । संविधान व आरक्षण बचाने, नौकरी,भ्रष्टाचार,बेरोजगारी,महंगाई किसानों की कर्ज माफी,महिलाओं को सुविधाओं सहित पांच गारंटी देकर चुनाव अपने पाले में लाने की हर जुगत जुगाड़ लगाने की कोशिश मतदान होने तक जारी है ।
बसपा ने सुप्रीमों मायावती की सभा करने के बाद प्रत्याशी व नेता अपने अंदाज में चुनाव को गति दी हैं । उन्हें अपने परंपरागत मतों एवं सोशल इंजीनियरिंग पर भरोसा है । मतदान की उल्टी गिनती शुरू है लेकिन जिस तरह से मतों का ध्रुवीकरण हुआ है । उससे चुनाव परिणाम चौंकाने वाले हो सकते हैं हो कुछ भी लेकिन समाजवादी पार्टी तथा भाजपा के लिए फतेहपुर हॉट सीट बन गई है ।
प्रदेश अध्यक्ष रहे नरेश उत्तम पटेल के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेताओं एवं संगठन की अग्नि परीक्षा कल 20 मई को होगी । उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है तो हैट्रिक लगाने को बेताब दिख रही । भाजपा में केंद्र में मंत्री प्रत्याशी साध्वी निरंजन ज्योति, प्रभारी मंत्री राकेश सचान, जिले के विधायकों एवं पूर्व विधायकों सहित संगठन की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है । चुनाव परिणाम मतदाताओं के मिजाज का पिटारा 4 जून को खुलेगा लेकिन उसके पहले यहां चुनाव दिलचस्प मोड़ पर है । अब देखना यह है कि जिले के मतदाता दिल्ली की राह किसकी आसान करने वाले हैं ।
