सुंदर, मीठी, सरल है हिन्दी,
बड़ी सहज और सुगम है हिन्दी।
भावना क़ा साज है हिन्दी,
हर दिल की आवाज है हिन्दी॥
साहित्य का सागर है हिन्दी,
झरने की झर-झर है हिन्दी।
नदियों की कल-कल है हिन्दी,
मुनियों, कवियों क़ा बल है हिन्दी॥
जन जन की भाषा है हिन्दी,
प्यार की परिभाषा है हिन्दी।
मेरे देश की शान है हिन्दी,
मेरा गर्व, अभिमान है हिन्दी॥
नव रसों क़ा श्रंगार है हिन्दी,
पुष्पों से सज्जित हार है हिन्दी।
देश के मस्तक की है बिन्दी,
पूर्ण विश्व की ताज है हिन्दी॥
