बिन्दकी/फतेहपुर । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला डाक्टरों के नदारद रहने से गर्भवती महिलाएं एवं अन्य इलाज के अभाव में इधर-उधर भटकती रही । एक महिला डाक्टर के कक्ष में उनकी सीट पर कर्मी मरीजों को दवाये लिखती रही । जिससे अफरातफरी जैसा माहौल रहा ।
बारिश के साथ उमश भरी गर्मी में संक्रामक बीमारी पांव पसार रही जिससे मरीजों की संख्या बढ़ी है । अस्पताल के पर्चे बनने वाले कक्ष में मरीजों की लाइन लगी रही कुछ इसी तरह का नजारा दवा वितरण काउंटर में देखने को मिला । यहां तैनात एक-दो चिकित्सकों के अलावा देर से आना जल्दी जाना डॉक्टरों की आदत सी बन चुकी है ।
अस्पताल में हावी अव्यवस्थाएं में सुधार हो मुख्य चिकित्साधिकारी की भी नजर नहीं गई । कुछ डाक्टर लगभग 11:00 बजे आने ढर्रे में शामिल हो गया । जबकि सुबह 8 बजे से ही मरीज अस्पताल आने लगते ।
पिछले दिनों महिला डॉ० शिवानी व डॉ० दिव्यांशी अस्पताल आयी । मरीजों की जांच परीक्षण करके पर्चे पर दवाये भी लिखी लेकिन कक्ष के बाहर महिला मरीजों की भीड़ देख दोपहर बाद मरीजों के पर्चे लेने से ही इंकार कर दिया । जिससे कईयों मरीजों को इलाज के अभाव में वापस लौटना पड़ा ।
सोमवार को ओपीडी में दोनों महिला डाक्टर नदारद रही । गर्भवती व अन्य महिला मरीज जांच और उपचार के अभाव में इधर-उधर भटकती रही फिर निराश होकर लौट गई । यदि इस रवैया पर सुधार ना हुआ तो मरीजों का आक्रोश किसी भी दिन फूट सकता ।
चिकित्साधीक्षक धर्मेंद्र सिंह पटेल ने बताया डॉ० दिव्याशीं अवकाश पर थी जबकि डॉ० शिवानी मीटिंग में गई थी कहा कि चिकित्सकों के साथ मीटिंग करके हिदायत दी जायेगी ।
