मृतक के भाई उत्तम वर्मा (सबसे दाएं) ने कहा कि वो इस फ़ैसले को उच्च अदालत में चुनौती देंगे ।
झारखंड । राज्य में क़रीब सात साल पहले बच्चा चोरी के कथित आरोप में हुई लिंचिंग मामले में कोर्ट ने पाँच अभियुक्तों को दोषी ठहराया है ।
घटना 18 मई 2017 की है जब बच्चा चोरी का आरोप लगाकर जुगसलाई निवासी दो भाई विकास वर्मा, गौतम वर्मा, उनकी दादी रामसखी देवी और साथी गंगेश गुप्ता की पुलिस की मौजूदगी में पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी ।
इस मामले में जमशेदपुर की स्थानीय अदालत ने 19 गवाहों के बयान के बाद फैसला सुनाया ।
कोर्ट ने पाँच अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए अन्य अभियुक्तों को बरी कर दिया । इस मामले में 8 अक्तूबर को सज़ा सुनाई जाएगी ।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता सुशील कुमार जयसवाल ने बताया कि दोषियों को उम्र कैद होने की संभावना है ।
वहीं मृतक के भाई उत्तम वर्मा ने कहा, “हमारे साथ अन्याय हुआ है । लिंचिंग करने वाले अन्य अभियुक्तों का बरी होना निराशाजनक है । न्याय के लिए हम अब हाईकोर्ट जाएंगे ।”
ग़ौरतलब है कि मॉब लिंचिंग के इस मामले में विभिन्न धाराओं में 28 अभियुक्तों के ख़िलाफ़ 2018 में आरोप पत्र दायर किए गए थे ।
इनमें एक अभियुक्त राहुल सरदार की मौत हो चुकी है जबकि एक अन्य अभियुक्त राजा राम हांसदा कस्टडी में हैं । शेष अभियुक्त ज़मानत पर बाहर थे ।
