मणिपुर के चुराचांदपुर ज़िले में मंगलवार को सुरक्षाबलों और कथित कुकी उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में चार उग्रवादियों की मौत हो गई है ।
मुठभेड़ उस समय हुई जब इलाके में सेना और केंद्रीय सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान चल रहा था ।
इस मुठभेड़ में मारे गए सभी उग्रवादी यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (यूकेएनए) के कैडर बताए जा रहे हैं ।
असम राइफल्स के एक अधिकारी ने बताया, ‘’एक खुफ़िया सूचना के बाद मंगलवार तड़के चुराचांदपुर से करीब 80 किलो मीटर दूर खानपी गांव में सुरक्षाबलों ने अभियान शुरू किया था । लेकिन उसी दौरान बिना किसी उकसावे के उग्रवादियों ने सामने से गोलीबारी शुरू कर दी । सुरक्षाबलों और हथियारबंद उग्रवादियों के बीच हुई गोलीबारी में यूकेएनए के चार कैडर मारे गए ।”
रक्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है, “यह अभियान यूकेएनए कैडरों द्वारा हाल ही में किए गए अत्याचारों के बाद चलाया गया है, जिसमें एक ग्राम प्रधान की हत्या, स्थानीय लोगों को धमकाना और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को बाधित करने के प्रयास शामिल हैं ।”
एक बयान में यूकेएनए ने सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई की निंदा की है और चुराचांदपुर में बंद का एलान किया है ।

साल 2023 में मणिपुर से केंद्रीय बलों की वापसी की मांग में निकला जुलूस (फ़ाइल फ़ोटो) ।
चुराचांदपुर के स्थानीय पत्रकार जेजे डौमिनलेन ने बताया, “मुठभेड़ के बाद यूकेएनए ने चुराचांदपुर में बंद का एलान किया था । जिसके बाद बाज़ार-दुकानें सब कुछ बंद हो गए हैं ।”
पिछले महीने चुराचांदपुर में एक गांव के मुखिया पर हमला कर उनकी हत्या कर दी गई थी, उस घटना में यूकेएनए के कैडरों के शामिल होने की बात सामने आई थी ।
इसी तरह जून महीने में यूकेएनए द्वारा किए गए एक हमले में एक बुजुर्ग महिला समेत कम से कम चार लोग मारे गए थे ।
दरअसल मणिपुर में सक्रिय यूकेएनए ने कुकी उग्रवादियों और भारत सरकार के बीच हुए ऑपरेशन निलंबन समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किया है । इस घटना की निंदा करते हुए कुकी नागरिक समाज के संगठनों ने इसे यूकेएनए के चार कैडरों की हत्या बताया है ।
