सपा के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा है कि एसआईआर की कोई आवश्यकता नहीं थी ।
नई दिल्ली । समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (एसआईआर) को ‘सत्ता में बने रहने का तिकड़म’ कहा है ।
रामगोपाल यादव ने कहा, “एसआईआर की कोई आवश्यकता नहीं थी, 1952 से चुनाव चल रहे थे, हर बार चुनाव से पहले नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते थे, मृत मतदाताओं के नाम काटे जाते थे और किसी को कोई दिक्कत नहीं होती थी । एक सतत प्रक्रिया थी और कोई गड़बड़-घोटाला नहीं था ।”
उन्होंने कहा, “2014 से पहले क्या एसआईआर हुआ था ? लेकिन अब ये सब तिकड़म सत्ता में बने रहने के लिए चल रहे हैं ।”
रामगोपाल यादव ने कहा, “मैंने सर्वदलीय बैठक में भी कहा था कि अगर सामान्य तरीके़ से वोट के ज़रिए कोई सत्ता में आता है तो इसका कोई विरोध नहीं करता, लेकिन अगर कोई असामान्य तरीके़ से आता है तो उसका नतीजा लोगों ने नेपाल और बांग्लादेश में देखा है । इसलिए इतिहास से लोगों को सीखना चाहिए ।”
