नई दिल्ली । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को रूस के राष्ट्रपति से मिलने को लेकर कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने प्रतिक्रिया दी है ।
उन्होंने कहा, “बहुत ही विचित्र बात है । नेता विपक्ष का पुतिन के साथ वक्त नहीं रखा गया । जबकि यह परंपरा रही है । अटल बिहारी वाजपेयी जी तक ने निभाया । जब विदेशी अतिथि आते थे तो मिलवाते थे सोनिया जी से, जब वे नेता विपक्ष थीं, या जो भी नेता विपक्ष होता था ।”
शुक्ला ने कहा, “इस परंपरा को मनमोहन सिंह जी ने जारी रखा. इन्होंने आकर इसे पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया । इन संसदीय परंपराओं को ध्वस्त नहीं करना चाहिए और रूस के साथ तो भारत का रिश्ता गांधी परिवार ने बनाया था ।”
“1971 के युद्ध में इंदिरा जी ने ब्रेझनेव को बुलाकर इसी बोट क्लब में रैली करवाई थी । रक्षा संधि साइन की थी । गांधी परिवार ने ही जोड़ा था और उनको ही नहीं मिलने देना विचित्र बात है ।”

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी
राहुल गांधी ने क्या कहा ?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वो विपक्ष के नेताओं को विदेशी प्रतिनिधिमंडलों से मिलने नहीं देते हैं ।
गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “इस सरकार की एक नीति बन गई है । सामान्य तौर पर परंपरा यह रही है कि जब भी कोई विदेशी नेता भारत आते हैं, तो उनकी मुलाकात नेता प्रतिपक्ष से भी होती है । यह परंपरा वाजपेयी जी के समय में भी थी और मनमोहन सिंह जी के समय में भी थी ।”
राहुल ने कहा “आजकल यह होता है कि जो विदेश से मेहमान आते हैं या जब मैं कहीं बाहर जाता हूं तो सरकार उन्हें सुझाव देती है कि नेता प्रतिपक्ष से नहीं मिलना चाहिए ।”
उन्होंने कहा, “हर बार यही होता है । चाहे मैं विदेश जाऊं या कोई प्रतिनिधिमंडल भारत आए । हमें बताया जाता है कि सरकार ने कहा है कि आपसे नहीं मिलना है ।”
राहुल ने कहा, “नेता प्रतिपक्ष एक दूसरा परस्पेक्टिव देता है । हम भी हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व करते हैं, केवल सरकार ही देश का प्रतिनिधित्व नहीं करती है । सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष के लोग बाहर के लोगों से मिलें ।”
“यह एक स्थापित परंपरा थी । जिसका अब मोदी जी और विदेश मंत्रालय दोनों ही पालन नहीं कर रहे हैं । इसमें एक तरह की असुरक्षा दिखाई देती है ।”
