बिन्दकी/फतेहपुर । दिन बुधवार को नगर के सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज लंका रोड बिन्दकी में राष्ट्रीय निर्माता काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना मदन मोहन मालवीय तथा राष्ट्र निर्माता भारत रत्न विभूषित प्रखर वक्ता स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की जयंती मनाई गई । साथ ही विद्यालय में तुलसी पूजन भी संपन्न हुआ ।
कार्यक्रम का प्रारंभ वंदना सत्र में चित्रों के माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन के पश्चात हुआ ।
सर्वप्रथम कार्यक्रम प्रमुख आचार्य राजेश गुप्ता ने महामना तथा अटल बिहारी वाजपेई के जीवन के बारे में बताया ।
उन्होंने कहा कि दो महान विभूतियां का जन्म दिवस है । दोनों प्रखर वक्ता राष्ट्र निर्माता रहे हैं । दोनों को भारत का सर्वोच्च सम्मान भी प्राप्त हुआ है । महामना मदन मोहन मालवीय का जन्म 25 दिसंबर 1861 को प्रयागराज में हुआ और उनकी मृत्यु 12 नवंबर 1946 को हुई ।
मदन मोहन मालवीय ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए पूरे भारत की यात्रा की । उस समय उन्होंने एक करोड़ 64 लाख रुपए एकत्र किए ।
उन्होंने संस्मरण सुनाया कि जब हैदराबाद के निजाम के यहां मालवीय चंदा लेने गए तो निजाम ने जूता फेंक कर दिया और कहा कि हिंदू विश्वविद्यालय के लिए मेरे पास यही है । तब महामना ने जूता उठाकर बाजार में नीलाम करने के लिए गए तो निजाम को अपनी बेज्जती महसूस हुई । उसने मालवीय को वापस बुला कर मन चाहा धन दान में दिया । उन्होंने दान में 1300 एकड़ भूमि प्राप्त की जिसमें काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थापित है । गांधी जी ने उन्हें महामना की उपाधि प्रदान की । वह लीडर और अभ्युदय अखबार के वह संपादक भी रहे । हरिद्वार में गंगा आरती को प्रारंभ करने का श्रेय भी उन्हीं को ही जाता है । महामना ने सत्यमेव जयते का भी नारा दिया था । उन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन में भाग लिया तथा देश के स्वाधीनता संग्राम में भी बढ़- चढ़कर के हिस्सा लिया गांधी जी ने ही उन्हें महामना की उपाधि दी थी ।
साथ ही प्रधान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई का जन्म दिवस है । उनका जन्म ग्वालियर में 25 दिसंबर 1924 को हुआ । उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेई शिक्षक थे । उन्होंने स्नातक की उपाधि कानपुर विश्वविद्यालय से प्राप्त की कानपुर विश्वविद्यालय में ही इन्होंने वकालत में प्रवेश अपने पिता के साथ लिया अटल जनसंघ के संस्थापक भी रहे जिससे बाद में बीजेपी की स्थापना हुई अटल जी पहले 13 दिन के प्रधानमंत्री बने फिर 13 माह के लिए प्रधानमंत्री बने और फिर एक पूर्ण कार्य के लिए प्रधानमंत्री नियुक्त हुए आपका समय में ही परमाणु परीक्षण संपन्न हुआ । जिसके बाद भारत एक परमाणु शक्ति संपन्न के राष्ट्र के रूप में माना जाने लगा ।
राजेश ने बताया कि तुलसी पूजन दिवस भी है । तुलसी का नाम वृंदा था उसका पति जालंधर एक अत्याचार जारी राजा था । उसको समाप्त करने के लिए भगवान विष्णु ने उसके सती को भंग किया तब जालंधर का वध संपन्न हो सका ।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानाचार्य बलराम सिंह ने कहा कि हमें महापुरुषों के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेनी चाहिए तथा उनके संस्मरण और उनके आदर्शों पर अमल करके अपने जीवन को आगे बढ़ना चाहिए । कार्यक्रम का संचालन कक्षा 6A की छात्रा आर्या गुप्ता ने किया । इस अवसर पर समस्त अध्यापक – अध्यापिकाओ तथा छात्र – छात्राएं उपस्थित रहे ।
