बिन्दकी/फतेहपुर । अबोध लोक परिष्करण संस्थान के द्वारा मासिक साहित्य संगोष्ठी का आयोजन शौर्य किड्स प्ले स्कूल जगदीश धाम महरहा रोड बिन्दकी में किया गया । आयोजक गौरव सिंह अबोध ने बताया कि यह गोष्ठी वीर बाल दिवस को समर्पित है ।
सह आयोजक अनिल सिंह शाश्वत ने कहा कि इस गोष्ठी का उद्देश्य नवांकुरो को सार्थक मंच प्रदान करना है । कार्यक्रम का सफल संचालन आनंद प्रकाश तिवारी ने किया ।
कवि उमाशंकर ओमर जी ने देहज और लालच को रेखांकित करते हुए पढ़ा – जब आईएएस मा लरिका दिन रात फ़ोरी अपनी आंखी, तो मम्मी के मन भन्न भन्न भनकी दहेज की माखी ।
राजकुमार गुप्त नलिन जी ने शीत और श्रृंगार को एकीकृत करके पढ़ा कि जाड़ा आया बरजोर तन मन कपन लगे ।
गौरव सिंह अबोध ने भक्ति रस को व्याख्यायित करते हुए पढ़ा – हे विराट हे शून्य अगोचर ओमकार हे हर गंगाधर, कैवल्य प्रदाता शरण वंदना, हे हरि हे शिव चरण वंदना ।
अनिल सिंह शाश्वत ने बांग्लादेश में हुई नृशंस हत्या को रेखांकित करते हुए पढ़ा – शौर्य जगाओ रग-रग में,निज पौरुष का भान करो ।
काल खड़ा है द्वार तुम्हारे, शक्ति का संधान करो । आनंद प्रकाश तिवारी ने मातृभूमि को समर्पण को करते हुए पढ़ा – या तो लिपट तिरंगे में आऊंगा या तो सरहद पार तिरंगा लहराऊंगा ।
मनमोहन अवस्थी ने सामाजिक विसंगतियों पर कविता प्रस्तुत करते हुए पढ़ा- तुम मत सुनाओ यहां इंसानियत की कहानियां, बच्चों को मां बाप को छोड़ते देखा है । साहित्यकारों में उमाशंकर ओमर, राज कुमार गुप्त नलिन, अरुण द्विवेदी, सीमा मिश्रा, मनमोहन अवस्थी, विनय दीक्षित, आरती गुप्ता,स्वर्णिमा सिंह सुंदर, चंद्रशेखर बेदी एवं आकांक्षा आदि उपस्थित रहे ।
गणमान्य अतिथियों में नगर पालिका अध्यक्षा राधा साहू,जिला अध्यक्ष मधुराज विश्वकर्मा,बिन्दकी मंडल अध्यक्ष पूरन सिंह बउआ,समाजसेवी लक्ष्मीचंद्र मोना ओमर,मण्डल उपाध्यक्ष स्वाती ओमर, पूर्व प्रधानाचार्य भारती भूषण सिंह गौतम, सभासद एवं मण्डल अध्यक्ष भाजयुमो सत्यम अग्रवाल,वरिष्ठ उपाध्यक्ष अधिवक्ता संघ बिन्दकी प्रेमबाबू ओमर एवं श्वेता ओमर आदि उपस्थित रहे ।
