फतेहपुर । जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी ने बताया कि निदेशक दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग उ०प्र० लखनऊ के द्वारा दिव्यांगजन के लिए राज्यनिधि के प्रबन्ध हेतु मुख्य सचिव दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग उ०प्र० शासन की अध्यक्षता में गठित “शासी निकाय” की बैठक 10 सितंबर 2021 द्वारा दिव्यांगजन के लिए “राज्य निधि” से धनराशि व्यय किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया है ।
शासन के पत्र 14 सितंबर 2021 एवं 26 जून 2024 में दिव्यांगजन के हितार्थ निम्न 07 प्रकार के वित्तीय सहायता प्रदान किये जाने का प्राविधान में उ०प्र० के दिव्यांगजन द्वारा बनाये गये चित्रों, हस्तकला आदि सहित उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिये प्रदर्शनी एवं कार्यशालाओं हेतु धनराशि सहायता के रूप में उपलब्ध कराना ।
उ०प्र० के दिव्यांगजन जिनका खेल/ललित कला/संगीत/नृत्य/फिल्म /थियेटर/साहित्य जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन हो, उन्हें राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय आयोजनों में प्रतिभाग किये जाने एवं खेल आयोजन हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना ।
दैनिक जीवन के गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिये बैंच मार्क दिव्यांगता के व्यक्तियों को उच्च सहायता वाले उपकरण क्रय हेतु वित्तीय सहायता ।
उ०प्र० के दिव्यांगजन जो गम्भीर बीमारियों यथा-कैंसर,थैलीसीमिया, प्लास्टिक एनीमिया,बहुस्केलोरोसिस से ग्रसित हों अथवा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से आच्छादित न हों, जिसको चिकित्सा हेतु वित्तीय सहायता ।
दिव्यांगजन हेतु संचालित विशेष विद्यालयों में गणित अथवा विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी अथवा मनोवैज्ञानिक आदि प्रयोगशालाओं की स्थापना हेतु वित्तीय सहायता ।
दिव्यांगजन हेतु संचालित विशेष विद्यालयों में खेल सुविधाओं का विकास,खेल उपकरण कय हेतु वित्तीय सहायता ।
दिव्यांगजनों के पुनर्वासन हेतु सम्बन्धित सामाजिक,चिकित्सीय,शैक्षिक एवं विधिक (Legal) आदि विषयों पर राष्ट्रीय एवं अंर्तराष्ट्रीय कार्यशाला आयोजन हेतु वित्तीय सहायता ।
उपरोक्त श्रेणियों में अर्हता रखने वाली इच्छुक स्वैच्छिक संस्थाओं/ सराकरी एवं गैर सरकारी विद्यालयों, द्वारा सम्बन्धित श्रेणी के आवेदन पत्र का प्रारूप कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, फतेहपुर के कक्ष सं0-23, भूतल, विकास भवन से प्राप्त कर सम्बन्धित अभिलेखीय साक्ष्यों के साथ 02 प्रतियों में अपना आवेदन जमा करना सुनिश्चित करें, जिससे उनको “राज्य निधि” से वित्तीय सहायता प्रदान कराये जाने सम्बन्धी आवश्यक कार्यवाही की जा सके ।
