– जनपद के किसान उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेकर कर रहे अपनी आय में वृद्धि
फतेहपुर । भौगोलिक दृष्टिकोण से जनपद फतेहपुर औद्यानिक फसलों के उत्पादन हेतु अनुकूल है । जनपद में बहुतायत में शाकभाजी एवं मसाल फसलों की खेती की जाती है । जिसकी पौध बेहन अभी तक कृषकों द्वारा स्वयं तैयार कर रोपण किया जाता रहा है । जिसे तैयार करने में अनुकूल वातावरण के अभाव में कृषकों को बेहन तैयार करने में समस्या का सामना करना पड़ता था। साथ ही लागत भी अधिक आती थी । कृषकों द्वारा परम्परागत बीजों से पौध तैयार की जाती थी । जिससे तैयार पौधों से फसल का आपेक्षित उत्पादन प्राप्त नही होता था ।
वर्तमान में हाईटेक नर्सरियों से संकर शाकभाजी पौध बेहन का उत्पादन कराकर रोपण करने से फसल उत्पादन अच्छा,गुणवत्ता युक्त प्राप्त होने से कृषकों की आय में वृद्धि हो रही है ।
किसानों को बेहतर किस्म के रोग रहित सब्जियों के पौधे उपलब्ध कराने के लिए वर्तमान समय में जनपद में 03 हाईटेक नर्सरियों की स्थापना की गयी । एक हाईटेक नर्सरी राजकीय औद्यानिक प्रक्षेत्र रमुवा पंथुवा वि० ख० हस्वा फतेहपुर में स्थापित की गयी । इसके अतिरक्ति 02 अन्य हाईटेक नर्सरी राजकीय अलंकृत उद्यान कम्पनी बाग फतेहपुर व कृषि विज्ञान केन्द्र थरियांव में स्थापित की गयी है । जिसमें तकनीकी का प्रयोग कर जनपद के शाकभाजी उत्पादक कृषकों की मॉग के अनुरूप प्रति वर्ष में लगभग 20-25 लाख उच्च गुणवत्तायुक्त रोग रहित शाकभाजी पौध (मिर्च,टमाटर, बैगन, शिमला मिर्च, गोभी वर्गीय, कदूवर्गीय आदि) उपलब्ध कराये जा रहे है ।
जिससे किसान शाकभाजी की अगेती फसल प्राप्त कर अधिक आय प्राप्त कर रहे है । राजकीय औद्यानिक प्रक्षेत्र रमुवा पंथुवा फतेहपुर से जनपद के कृषक दीपक निवासी ग्राम बिलन्दा वि०ख० तेलियानी फतेहपुर, द्वारा तरबूज के 5000 पौध, शैलेन्द्र कुमार निवासी ग्राम मलांव वि०ख० हस्वा फतेहपुर द्वारा टमाटर के 7000 पौध, देवेन्द्र कुमार निवासी ग्राम बड़ाहार वि० ख० मलवा फतेहपुर द्वारा मिर्च के 10000 पौध, रमन सिह निवासी ग्राम जलाला वि० ख० मलवा फतेहपुर द्वारा शिमला मिर्च के 3000 पौध अरविन्द सिंह निवासी ग्राम कुर्मिनखेड़ा वि० ख० मलवा फतहपुर द्वारा टमाटर के 7000 की पौध तैयार करायी गयी । जिसका अपने प्रक्षेत्र पर रोपण किया गया । इन कृषकों द्वारा अवगत कराया गया था कि हमारे प्रक्षेत्र पर अभी फसल तैयार होने में 25-30 दिन का समय लगेगा । जिसके दृष्टिगत 25-30 दिन बाद हमें पौध तैयार कराकर उपलब्ध करा दी जाये तो हम 25-30 दिन पहले से फसल उत्पादन प्राप्त कर अच्छा बाजार भाव प्राप्त कर पायेगे । जिससे हमे अतिरिक्त लाभ होगा । कृषकों को समय से पौध तैयार कर उपलब्ध करा दी गयी ।
कृषकों से तैयार पौध से फसल उत्पादन की जानकारी प्राप्त करने पर बताया गया कि हाईटेक नर्सरी से तैयार पौधे गुणवत्तायुक्त रहे है । जिससे हमे फसल का मानक से अधिक उत्पादन प्राप्त हुआ ।
