ईरान में हर दिन चौराहों पर लोग इकट्ठा होकर देश के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हैं ।
ईरान । राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम की समय सीमा बढ़ाने की घोषणा पर ईरान के सोशल मीडिया पर प्रवक्ताओं की ओर से जो शुरुआती प्रतिक्रिया आईं उसे लेकर आशंकाएं और उम्मीद दोनों थी ।
ईरान के मुख्य वार्ताकार के सलाहकार मेहदी मोहम्मदी ने इसे निरर्थक बताते हुए कहा कि यह एक चाल है, ताकि अचानक हमले के लिए समय लिया जा सके । यह अमेरिका की कूटनीति को लेकर ईरान में गहरे अविश्वास को दिखाता है ।
पिछले साल और इस साल हुई पिछले दौर की बातचीत, अचानक हुए इसराइल-अमेरिका के हमलों से पटरी से उतर गई थी ।
इस युद्धविराम के तहत ईरान की भी अपनी कुछ प्रतिबद्धताएं हैं । लेकिन वह साफ़ कर रहा है कि वह रणनीतिक होर्मुज़ स्ट्रेट को अपनी शर्तों पर तब तक नहीं खोलेगा । जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता और जब्त किए गए जहाज़ को रिहा नहीं करता । यही इस समय की राजनीतिक गतिरोध की वजह है और यह साफ़ नहीं है कि यह गतिरोध कैसे और कब सुलझेगा । यहां ईरानियों से बात करने पर अलग-अलग राय सुनने को मिलती है । जो स्वाभाविक है । सरकार की अपील पर एकजुटता दिखाने के लिए हर रात इस शहर के मुख्य चौराहों पर जुट रहे हैं और वो डटे हुए हैं । वहीं कुछ लोग कहते हैं कि वे बस अपनी ज़िंदगी आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं । वो सालों से असफल परमाणु बातचीत,बढ़ती क़ीमतो कड़ी होती सुरक्षा और निगरानी और अपनी ज़िंदगी व भविष्य पर लगे कई प्रतिबंधों से थक चुके हैं ।
