– धार्मिक अनुष्ठान हवन- पूजन, 101 बार जाप पीताम्बरा (बगलामुखी) चालीसा पाठ व आरती के साथ जगह-जगह विशाल भण्डारा, शर्बत वितरण कार्यक्रम हुआ सम्पन्न
बिन्दकी/फतेहपुर । जनपद की धार्मिक,सांस्कृतिक,ऐतिहासिक महत्ता की धरोहर,दोआबा की महर्षि भृगु तपोभूमि,पवित्र पूज्यनीय नदी देवी माँ गंगा व यमुना के मध्य स्थित तह० बिन्दकी अन्तर्गत मीराबाई के अराध्य सिद्धपीठ भगवान श्री गिरधर गोपाल (शिवराजपुर) व भगवान श्री बांके बिहारी (डिघरुवा) कस्बा बिन्दकी अन्तर्गत सिद्ध पीठ श्री डूडेश्वर धाम, सिद्ध पीठ देवी ज्वाला/काली/शीतला माता मन्दिर, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद ठा० दरियाँव जोधा सिंह अटैया व उनके सच्चे सहयोगी वीर बलिदानी शहीद साथियों (शहीद स्थल बावन इमली) की कर्मभूमि, पद्मश्री अलंकृत राष्ट्र कवि स्व० पं० सोहन लाल द्विवेदी की जन्म स्थली की पवित्र पावन रज भूमि मो० मध्य बाजार, नजाही,कस्बा बिन्दकी स्थित (बिन्दकी रेलवे स्टेशन से मन्दिर की दूरी 12 किमी०) “सिद्ध पीठ श्री राम जानकी मन्दिर” में विराज मान “सिद्ध देवी पीताम्बरा (बगलामुखी) माता” की “जयंती” के उपलक्ष्य पर भव्य एवं दिव्य धार्मिक अनुष्ठान का शुभारम्भ हुआ ।
ज्ञातव्य हो कि “सिद्ध देवी पीताम्बरा (बगलामुखी माता)” के अनन्य भक्त व मन्दिर के ‘महन्त एवं सर्वराकार’ “श्री श्री 1008 श्री उदय दास” जी महाराज ने देवी माता की प्रेरणा से उक्त मन्दिर प्रांगण में देवी माता की भव्य, दिव्य, सुन्दर, अलौकिक, प्रतिमा की स्थापना सनातन धर्म हिन्दू रीति-रिवाजों के अनुसार विधि-विधान पूर्वक कलश – प्रतिमा के साथ शोभायात्रा निकालकर, हवन-पूजन,मन्त्रोच्चार के साथ देवी माता का आवाहन कर प्राण प्रतिष्ठा करते हुए मन्दिर के गर्भ ग्रह में प्रतिमा की स्थापना कर,कन्या पूजन,भण्डारा के धार्मिक अनुष्ठान को आयोजित कर की थी ।
“सिद्ध देवी पीताम्बरा (बगलामुखी) माता” की जयंती के उपलक्ष्य में मन्दिर के ‘महन्त एवं सर्वराकार’ “श्री श्री 1008 श्री उदय दास” जी महाराज एवं उपस्थित माता के भक्तों व श्रृद्धालुओं ने सनातन धर्म हिन्दू की परम्परा,रीति- रिवाजों के अनुसार विधि विधान पूर्वक मन्त्रोच्चार के साथ कलश स्थापित कर,माता की दिव्य अखण्ड में ज्योति प्रज्ज्वलित कर,माता का श्रृंगार कर,कन्या पूजन कर, हवन-पूजन कर,रोली/ तिलक/चन्दन लगाकर,पुष्प समर्पित कर,पीले वस्त्र चुनरी पहनाकर,भोग/प्रसाद लगाकर,आरती उतारकर,शंख बजाकर, संगीत वाद्ययंत्र ढोलक/तबला/ताल/मन्जीरा बजाकर,कीर्तन गान,भक्ति संगीत बजाकर, सिद्ध देवी माँ पीताम्बरा (बगलामुखी) चालीसा का 101 बार जापकर तथा आरती का गान व पाठ कर,प्रतिष्ठित विराज मान देवी- देवताओं की श्रृंगार सज्जा कर,सम्पूर्ण मन्दिर परिसर को फूलों की सुन्दर -सुन्दर लड़ियों, पतंगियों व विद्युत की रंग-बिरंगी झालरों तथा लाइटों से सजाकर, ‘मन्दिर के गर्म ग्रह में विराजमान देवी-देवताओं’ “सिद्ध पीठ देवी पीताम्बरा (बगुलामुखी) माता, श्री राम जानकी, श्री पंचमुखी हनुमान जी, शिवलिंग एवं प्रतिष्ठित देवी-देवताओं” की पूजा-अर्चना की गयी ।
सम्पूर्ण धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण दिव्यता एवं भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ । उक्त “सिद्ध पीठ श्री राम जानकी मन्दिर” की “स्थापना सन् 1840 ई०, जीर्णोद्धार सन् 2017-2018 ई० में” “देवी माता व प्रभु” की इच्छा से व मन्दिर के ‘महन्त एवं सर्वराकार’ “श्री श्री 1008 श्री उदय दास” जी महाराज के सानिध्य में हुआ ।
मन्दिर के ‘सर्वराकार एवं महन्त’ “श्री श्री 1008 श्री उदय दास” जी महाराज ने “सिद्ध देवी पीताम्बरा (बगलामुखी) माता” की महत्ता बतायी और कहा कि “सिद्ध देवी पीताम्बरा (बगलामुखी) माता” ‘दस महा विद्याओ मे आठवी महाविद्या’ हैं ।
“सिद्ध देवी पीताम्बरा (बगलामुखी) माता” ‘तंत्र की देवी’ हैं । इनकी साधना विपत्तियों को दूर करने, शत्रु को नष्ट करने, मारन, मोहन, उच्चाटन, आकर्षणादि के लिए की जाती हैं ।
श्रृद्धापूर्वक और प्रेमपूर्वक तथा विश्वास के साथ जो भी व्यक्ति इनकी पूजा-अर्चना करता हैं । उसकी मनोभिलाषाओं की पूर्तिहोती हैं । इसमे कोई संदेह नहीं हैं । “सिद्ध देवी पीताम्बरा (बगलामुखी) माता जयंती व नवरात्र के आठवें दिन सिद्ध देवी पीताम्बरा (बगलामुखी) माता की पूजा की जाती हैं । आज तक कोई भी भक्त इनके द्वार से खाली हाथ नहीं लौटता ।” गदाहस्त सदा पातुमुखं में मोक्ष दायिनी वैरिजि- व्हाधरा पातु कण्ठं में बगलामुखी ।। वैरिनाशकरे दिव्यं सर्वांऽशुभविना-शनम्। शुभदं स्मरणात्पुण्यं त्राहि मां दुखनाशनम ।। पर्णत सुरगणानां पालीकां पीतवस्त्रां बहुबल बगलां तां पीतवस्त्रां नमामः न किञ्जिद् दुर्लभं तस्य दृश्यते जगतीतते। शत्रवो ग्लानिमायान्ति तस्य दर्शन-मात्रतः। जय बगला भय हारिणि, जय सुमंगल रूप । जय अम्बे पीताम्बरे,महिमा अमित अनूप।। ब्रह्मास्त्रमिति विख्यातं त्रिपु लोकेषु विश्रुतम् । गुरू भक्ताय दातव्यं न देयं यस्य कस्यचित् ।।नमो महाविधा बरद, माँ पीताम्बरा दयाल। स्तम्भन क्षण में करे, सुमिरन करि कुल काल।।रिद्धि सिद्धि दाता तुम्ही। अरि समूल कुल काल ।। मेरी सब बाधा हरो। पीताम्बरा माँ तत्काल ।। साधक जाप करै मन लाई ॥ दस सहस्र जप करै जो कोई। सकल काज तेहि कर सिधि होई ॥ जाप करै जो लक्षहिं बारा। ताकर होय सुयश विस्तारा॥ जो तव नाम जपै मन लाई। अल्पकाल महँ रिपुहिं नसाई ॥ सप्तरात्रि जो जापहिं नामा। वाको पूरन हो सब कामा ॥ नव दिन जाप करे जो कोई। व्याधि रहित ताकर तन होई॥” के श्लोकों से उनकी महत्ता, शक्ति, दिव्यता के बारे में बताया ।
उक्त धार्मिक अनुष्ठान के सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रृद्धालुओं व भक्तजनों ने देवी माता एवं प्रतिष्ठित देवी-देवताओं के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया तथा दिव्य भोग प्रसाद भी ग्रहण किया ।
उक्त धार्मिक कार्यक्रम में सेवाधारियों ने तन, मन, धन से निस्वार्थ सेवा भाव करते हुए पुण्य लाभ अर्जित किया। “सिद्ध पीठ देवी पीताम्बरा (बगलामुखी ) माता,श्री राम जानकी,श्री पंचमुखी हनुमान जी,भगवान शिव शंकर एवं 33 कोटि देवी-देवताओं” की ‘जयकारा का उद्घोष’ हुआ जिसकी हुँकार पूरे प्रांगण में छा गयी ।
सम्पूर्ण मन्दिर प्रांगण अति सुन्दर, मनोहर भक्ति मय रहा । लोगों की मान्यता है कि माता यहाँ साक्षात रुप में विराजमान हैं व यहाँ सच्चे मन से जो भी श्रद्धालु आते हैं और दर्शन करते हैं तो पीताम्बरा (बगलामुखी) माता एवं प्रतिष्ठित देवी-देवता उनका कल्याण करते हुए उनके सारे मनोरथ को पूर्ण करते हैं । दूर-दूर से श्रृद्धालु एवं भक्त जन उक्त सिद्ध पीठ में दर्शनार्थ हेतु आते हैं ।
मो० मध्य बाजार स्थित “सिद्ध पीठ श्री हनुमान मन्दिर” में भी “श्री पीताम्बरा माई सेवा मण्डल बिन्दकी” के समस्त पदाधिकारियों, माता के भक्तों व सेवाधारियों के तत्वावधान में विशाल भण्डारा व शर्बत वितरण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ । कई हजारों की संख्या में भक्तों ने दिव्य भण्डारा प्रसाद कढ़ी-चावल, बूँदी व शर्बत ग्रहण किया ।
इस मौके पर कई संख्या में मातायें बहनें, वृद्ध, पुरुष, छोटे-छोटे बच्चे, संभ्रांत नागरिक, श्रृद्धालु एवं भक्त जन उपस्थित रहें ।
