बिन्दकी/फतेहपुर । हमारे संवाददाता द्वारा जब अधिवक्ता प्रतिभा देवी के बारे में जानना चाहा तो उन्होंने बहुत ही सरल स्वभाव में अपने जीवन के बारे में हमारे संवाददाता को बताया । ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगा लगा कि हम किसी महिला अधिवक्ता के जीवन के बारे में जानकारी अर्जित कर रहे हैं । ऐसा लग रहा है कि सच में कोई समाजसेविका है । जिनके अंदर इतनी विचारधारा है कि वह सोचनीय है । अधिवक्ता संघ के चुनाव में अगर मौका मिला तो निश्चय ही व्यवस्था परिवर्तन कि नींव रखने का काम करेंगे । जो अभी तक कि जमी जमाई व्यवस्था चल रही है । उसको बदल कर अधिवक्ता हित में बेहतर काम करके दिखाना है अब ऐसे व्यक्तित्व की महिला प्रत्याशी का कोई जवाब ही नही कभी गरीबी से उठी प्रतिभा वर्मा का जीवन बहुत ही कष्ट में बीता । इस तरह का एक बेमिसाल व्यक्तित्व है प्रतिभा वर्मा का । जो स्वार्थों में नहीं बेहतर सामाजिक व्यवहार में जीना पसंद करती हैं । तहसील बिन्दकी के एक गांव की रहने वाली अधिवक्ता प्रतिभा वर्मा,अधिवक्ता हित पर अपने संबोधन में हमेशा चर्चा करती रहती हैं और अगर इस बार अधिवक्ता बंधुओं ने मौका दिया तो अधिवक्ताओं को कई सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का काम करेंगे जो अभी तक किसी किसी भी कार्यकाल में नहीं हुआ है । इनके पिता किसान श्री छंगा लाल वर्मा जो मन्नू पुर पोस्ट मंडराव बिन्दकी के रहने वाले हैं ।
प्रतिभा जी का जीवन बहुत ही संघर्ष और अलग परिस्थितियों में रहा । वह परिवार पर आश्रित थे । बाल अवस्था और कष्टों के साथ रहने के बाद भी उनके अंदर पढ़ाई के साथ साथ समाज को बेहतर बनाने व सही दिशा में ले जाने का जज्बा था और वो कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ती रही ।
वही प्रतिभा देवी की जन्मतिथि शैक्षिक प्रमाण पत्रों के आधार पर 30 अगस्त 1984 ई० है । जिसके अनुसार इस समय मेरी आयु लगभग 41 वर्ष है और मेरी शैक्षिक योग्यता में बीए, एल०एल० बी० है । वही प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर बिन्दकी से की । उसके बाद हाइस्कूल जोनिहा इण्टर कॉलेज 1999 में व इण्टर (12वीं) पंडित छेददू प्रसाद मिश्र इण्टर कॉलेज 2001 पूर्ण किया,बीए राजकीय महिला महाविद्यालय बिन्दकी,उसके बाद 2004- 2007 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल की जो समाज को बेहतर दिशा दिखाने के लिए पर्याप्त है । एक पढ़े-लिखे व्यक्तित्व का व्यक्ति समाज में फैली हुई विडम्बना पर चिंता जताया और समस्याओं पर हमेशा आवाज उठाने के लिए अधिवक्ता बनकर लोगों के साथ खड़े हैं । इलाहाबाद हाइकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की और फिर 2010 में बिन्दकी तहसील में अपनी लगातार प्रैक्टिस कर अधिवक्ताओं के बीच एक गहरा सम्बन्ध स्थापित किया, क्योंकि एक बेहतर परिवेश और न्याय के साथ खड़े रहने का संकल्प लें लिया था ।
प्रतिभा का परिवारिक ढांचा जाना तो बहुत ही उदारवादी पारिवारिक वातावरण है । इनके पिता प्रतिष्ठित किसान के रूप में चर्चित तथा क्षेत्र के हर जाति ,धर्म व युवा वर्ग में सम्मानित रूप में दूर दूर तक जाने जाते हैं । मुझे गर्व है पिता पर जिनके मार्गदर्शन में मुझे हर प्रारूपों पर मजबूत बनाया है ।
पिछले लगभग 19 वर्षों से बिन्दकी तहसील में अधिवक्ता के रूप में निस्वार्थ रूप से काम कर रही हूं और अगर इस बार हमारे अधिवक्ता बधुओं ने साथ दिया तो अधिवक्ताओं के हितों में बहुत कुछ काम करना है जो अभी तक किसी भी कार्यकाल में नहीं हुआ होगा ।
