बिन्दकी (फतेहपुर) । सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज लंका रोड बिन्दकी फतेहपुर के प्रधानाचार्य बलराम सिंह ने अपने सफल एवं प्रेरणादायी नेतृत्व के तीन वर्ष पूर्ण कर लिए हैं ।
इस अवसर पर विद्यालय के कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश गुप्ता तथा प्रबंध समिति ने उनके समर्पित कार्य,अनुशासित नेतृत्व तथा शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए उत्कृष्ट योगदान के प्रति हार्दिक सम्मान एवं शुभकामनाएँ व्यक्त की ।
पिछले तीन वर्षों में विद्यालय के प्रधानाचार्य बलराम सिंह के नेतृत्व में विद्यालय ने शैक्षिक,सांस्कृतिक, खेलकूद एवं नैतिक शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास,गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा,अनुशासन तथा संस्कारयुक्त वातावरण को सुदृढ़ बनाने के लिए उन्होंने अनेक नवाचार एवं प्रभावी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया ।
विद्यालय में समय-समय पर विज्ञान प्रदर्शनी,वृक्षारोपण अभियान,योग दिवस, छात्र- संसद, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन उनके कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ । साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों के उत्कृष्ट परिणामों ने विद्यालय की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया ।
इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक- अध्यापिका, कर्मचारियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों ने बलराम सिंह को तीन वर्ष की सफल सेवा पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की ।
इस सत्र में विद्यालय ने अनेक उपलब्धियों को प्राप्त किया । जिसमें विनीत दीक्षित का UPSC में, आमना का IIT में तथा रियाजुद्दीन का NEET में चयन मुख्य हैं ।
“सशक्त नेतृत्व, उत्कृष्ट शिक्षा और श्रेष्ठ संस्कारों के माध्यम से अध्यापकों के सहयोग द्वारा विद्यालय निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित करता रहे” ।
— इसी विश्वास के साथ विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि को गर्व एवं हर्ष के साथ मनाया ।
हमारे संवाददाता से बात करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य बलराम सिंह ने कहा कि हमने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में जो सहयोग की भावना देखी वो अत्यंत ही सोचनीय है । यहां के लोगों का स्नेह और प्रेम हमेशा यादों से जुड़ा रहेगा ।आम तौर पर विद्यालय के विकास को साझा करते हुए कहा कि कृतज्ञता, मील के पत्थर और भविष्य की दृष्टि को देखता रहता हूं ।

मेरे कुछ बिंदु हैं जो जटिलताओं से भरे हुए हैं –
कृतज्ञता : प्रबंधन,शिक्षकों और अभिभावकों को उनके अटूट सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद देता हूं ।
मेरे द्वारा की गई उपलब्धियां मे इन तीन वर्षों में छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन,खेलकूद, प्रतियोगिताएं और नई सुविधाओं (जैसे- डिजिटल लाइब्रेरी या लैब) में हुई, शिशु वाटिका का डिजिटल निर्माण किया । चुनौतियों का मिलकर सामना करने और एक परिवार की तरह एकजुट होकर रहना चाहिए । भविष्य के लिए हम सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य और विद्यालय के निरंतर विकास की कामना करते हैं ।
