– जिला अस्पताल से ही 10 साल की बच्ची का अपहरण, हत्या के बाद शव नदी में फेंका
गोरखपुर । मानवता को शर्मसार कर देने वाली वारदात में 10 साल की मासूम बच्ची की हत्या के आरोपी सिपाही को गुरुवार को जिला अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के गुस्से का सामना करना पड़ा । पुलिस जब आरोपी को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल लेकर पहुंची, तो उसे देखते ही स्वास्थ्यकर्मी भड़क उठे और दौड़ा-दौड़ाकर पीट दिया । स्थिति बिगड़ती देख पुलिसकर्मियों ने किसी तरह आरोपी को भीड़ से बचाकर बाहर निकाला ।
आरोपी सिपाही की पहचान अभिषेक यादव के रूप में हुई है, जो डायल-112 में तैनात था । पुलिस के मुताबिक इसी सिपाही ने 28 जुलाई की रात जिला अस्पताल से ही 10 वर्षीय बच्ची का अपहरण किया और बाद में उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया। गुरुवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे आरोपी की निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद किया गया ।
घटना के अनुसार बच्ची अपनी बीमार बड़ी बहन को खाना देने जिला अस्पताल आई थी । रात करीब 10 बजे जब वह घर लौटने के लिए निकली तो आरोपी सिपाही ने उसका पीछा किया और बहला-फुसलाकर बाइक पर बैठा लिया । इसके बाद वह उसे करीब 15 किलोमीटर दूर श्मशान घाट ले गया, जहां उसकी हत्या कर दी । पुलिस को आशंका है कि हत्या से पहले बच्ची के साथ दुष्कर्म भी किया हो पोस्टमाडम रिपोर्ट का इंतजार है ।
परिजनों के अनुसार बच्ची के घर न लौटने पर उन्होंने तुरंत गुमशुदगी दर्ज कराई । पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 टीमें गठित कीं और करीब 200 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जांच में सिपाही बच्ची के साथ जाते हुए नजर आया । सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया ।
पीड़ित बच्ची के पिता ने बताया कि वह पिछले चार साल से परिवार के साथ गोरखपुर में रहकर ई-रिक्शा चलाते हैं। उनकी पत्नी गर्भवती है और बड़ी बेटी की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था । उसी को खाना देने गई छोटी बेटी इस दरिंदगी का शिकार हो गई ।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है । उसे बर्खास्त करने की संस्तुति भेज दी गई है और उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है । उन्होंने बताया कि आरोपी पूर्व में भी एक छेड़छाड़ के मामले में निलंबित और जेल जा चुका है । जिसके बाद उसकी बहाली हुई थी ।
इस जघन्य वारदात से आम जनमानस में आक्रोश व्याप्त है । एक ओर जहां पुलिस महकमे में एक नरपिचास पुलिस की कार्यशैली से पुलिस वालों पर सवाल उठ रहे हैं । वहीं आमजन में भय और गुस्सा दोनों है ।
