Reporter By Bolti Khabre News
बिन्दकी/फतेहपुर । प्रदेश के जनपद फतेहपुर की धार्मिक, सांस्कृतिक , ऐतिहासिक महत्ता की धरोहर, “पवित्र पूज्य नदियों” (देवी माँ गंगा व यमुना) के मध्य बसे तह० बिन्दकी अन्तर्गत ब्लॉक अमौली के ग्राम डिघरुवा स्थित (दोआबा के धरोहर) “सिद्ध धाम/मंदिर” में “विराजमान भगवान” (श्री बांके बिहारी जी) की “भव्य व दिव्य” (शोभा रथ यात्रा,दंगल,धार्मिक अनुष्ठान व सांस्कृतिक कार्यक्रम) के साथ “तीन दिवसीय मेला शांतिपूर्ण दिव्यता एवं भव्यता के साथ संपन्न” हुआ ।”
इस आयोजन में कई हजारों की संख्या में भक्तों व श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पुण्य लाभ अर्जित करते हुए भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया । (तीन दिनों) तक चली “शोभा रथ यात्रा” में (भगवान श्री बांके बिहारी जी) का “रथ” (शंख, घंटा, संगीत वाद्य यंत्रों और गाजे-बाजे) के साथ ग्राम की गलियों में भ्रमण किया । “मथुरा वृंदावन जैसा भक्ति का माहौल देखने” को मिला । “भक्तों ने चंदन/तिलक लगाकर, पुष्प चढ़ा कर, माल्यार्पण कर,यज्ञोपवीत पहनाकर,रक्षासूत्र बाँधकर,माखन/मिश्री/मेवा/मिष्ठान/ फल/पंजीरी/पंचामृत/तुलसी पत्र का भोग लगाकर,प्रसाद वितरण कर और आरती के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना वैदिक मन्त्रोच्चार के साथ मन्दिर के पुजारी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न” हुई । “रथ यात्रा के अंतिम दिन परंपरा के अनुसार “मन्दिर के मुख्य पुजारी/विद्वान आचार्य” (पं० महावीर मिश्र) ने भगवान की प्रतिमा को गोद में लेकर (मंदिर के समीप सरोवर) में (जल विहार कराया और स्नान कराकर श्रृंगार किया । इसके बाद पदयात्रा के साथ प्रतिमा को मंदिर में पुनः स्थापित किया) गया ।
इस दौरान (पुष्प वर्षा और श्री बांके बिहारी लाल जी,गोपी वल्लभ राधे श्याम, जानकी वल्लभ सीताराम की जय हो) के जयकारों से पूरा प्रांगण गूंज उठा और सभी भक्तों व श्रृद्धालुओं के अन्दर दिव्य प्रकाश की ज्योति प्रज्ज्वलित हो उठी ।” उक्त “सिद्ध धाम काफी प्राचीन हैं,जिसकी महिमा दूर-दूर तक फैली हुई हैं ।
लोगो की मान्यता हैं कि भगवान श्री बांके बिहारी जी साक्षात रुप में यहाँ विराजमान हैं और जो भक्त व श्रृद्धालु सच्चे-पवित्र मन से दर्शन कर अपना माथा टेकते है़ं तो श्री बांके बिहारी जी उनके सारे मनोरथ को पूर्ण करते हैं सम्पूर्ण मन्दिर परिसर को फूलों की सुन्दर -सुन्दर लड़ियों व रंग-बिरंगी विद्युत की झालरों से सजाया गया ।
पूरा मन्दिर प्रांगण अति मनोहर व सुन्दर रहा।यह धार्मिक आयोजन भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया । आयोजन की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन सतर्क रहा ।
कार्यक्रम में आचार्य सुमित बाजपेई,कामता प्रसाद शुक्ल,प्रमोद शुक्ल ,मुन्ना तिवारी,संतोष बाजपेई उर्फ चुनकी,मस्ताना,राम आसरे शुक्ल, अवधेश शुक्ल,आदित्य शुक्ल,सलोनी,सुनीता,नीता, दीक्षा, दिव्यांशु, आशुतोष,अभिनव,शार्विल, सात्विक शुक्ल, आलोक, सुमित सहित अनेक भक्त/श्रद्धालु,महिलाएं,पुरुष,बच्चे और संभ्रांत नागरिक शामिल हुए ।
