सीतापुर । उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के फुलवारी गांव का मामला है । यहां एक गरीब महिला ने 5 साल तक एक-एक पैसा जोड़कर 1 लाख रुपये जमा किए थे । ताकि घर में भैंस खरीद सके। पति बीमार रहते हैं और ज्यादा कमा नहीं पाते, इसलिए पत्नी ने बड़ी मुश्किल से ये पैसे जुटाए थे ।
लेकिन जिस प्लास्टिक के डिब्बे में उसने पैसे रखे थे । उसे चूहों ने कुतर दिया और सारे नोट बर्बाद कर दिए । अब मुश्किल से 4-5 हजार रुपये ही सही सलामत बचे हैं ।
लोगों ने कहा कि पैसे अलमारी या बक्से में रखने चाहिए थे, पर महिला का कहना है कि गरीबी ऐसी है कि घर में न अलमारी है, न बक्सा । और उसे डर था कि पैसा इधर उधर न हो जाए ।
