फतेहपुर : सदर कोतवाली क्षेत्र में आचार संहिता लगने के बाद से कोतवाली पुलिस ने खूब मनमानी की । जिले में आज तक एक बम नहीं फूटा मगर इन्हें सुतली बम वाले अपराधी कहां से मिल जाते हैं ।
यह ईश्वर ही जाने ।
फतेहपुर में कुछ वर्षों पूर्व प्रत्येक फरार आरोपी को पकड़ने के बाद आधा/एक किलो गांजा लगाना आम बात थी फिर चुनाव के पूर्व अधिकतर अवैध असलहे के साथ पकड़े जाने लगे, अचानक नए उपनिरीक्षको/निरीक्षकों की कुछ माह पूर्व फतेहपुर में तैनाती क्या हुई इस जिले में अधिकतर अभियुक्तों से सुतली बम/देशी बम बरामद होने लगे । अरे भैय्या इतने बम बरामद करते हो तो कभी इसका कारखाना भी तो पकड़ो,ये बनते कहां हैं ।
ये नहीं कि जिसे पकड़ा वसूली की,जब कुछ देने में असमर्थ हुआ तो गांजा,अवैध असलहा,सुतली बम लगाकर जेल भेज दिया और स्वयं अपनी पीठ थपथपा ली कि मैने तो बड़ा तीर मार लिया । चुनाव के दौरान कई थाना क्षेत्रों में क्षेत्रीय पुलिस ने कानून का दुरुपयोग किया । मगर कोतवाली क्षेत्र में चार दागियों की चौकड़ी ने कानून ब्यवस्था को ही चौपट कर दिया । अब जब उनके बंदरबांट का वीडियो वायरल हो गया है तो सभी दागी बचने की जुगाड़ ढूढते फिर रहे हैं ।
कोतवाली से चंद कदम की दूरी पर गांजा बिक्री का मुख्य केंद्र है । वहीं से आधे शहर में सप्लाई होती है । पूरे शहर में ऐसे 14 से 16 स्थान हैं । जहां से भांग की दुकान से गांजा व कुछ स्थानों में सीधे गांजा की बिक्री होती है । कोतवाली का ड्राइवर व कारखास एक वसूली का गैंग बनाये हुए हैं । जिनमे रोडवेज चौकी,मुराईन टोला,राधानगर चौकी, जेल चौकी के कुछ सिपाही संलिप्त हैं । ये बॉस की तरीके उन सिपाहियों व दो दरोगाओं से वसूली में हिस्सा लेते हैं । गांजा,स्मैक,जुआ,सट्टा,कबाड़ी मार्केट से अवैध वसूली,खनिज के वाहनों से अवैध वसूली क्या क्या कारनामे बताएं इनके ? थाने में आने वाला प्रत्येक पीड़ित अगर इनके रास्ते से गुजरता है तो काम होगा अन्यथा कोतवाल के कोप भाजन का शिकार बनना पड़ेगा । इन बेईमानो ने वर्दी की गरिमा को तार तार कर रखा है । वायरल वीडियो में हिस्से बांट को लेकर गाली गलौज,किसे कितना मिला,किसे कितना दिया आसानी से सुना जा सकता है ।
हालांकि पुलिस अधीक्षक ने दागियों के खिलाफ नजऱ टेढ़ी कर दी है । जांच के बाद बड़ी कार्रवाई सम्भव है । मगर एक बड़ा सवाल जेहन में बार बार आता है कि क्या ऐसे होते हैं हमारे रक्षक ?
