फतेहपुर । आज 02 अप्रैल से 30 अप्रैल 2022 तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2022 तक दस्तक अभियान के प्रथम चरण का नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पक्का तालाब में गुब्बारे उड़ाकर व हरी झंडी दिखाकर जिलाधिकारी श्रीमती अपूर्वा दुबे ने शुभारंभ किया गया ।


उन्होंने कहा कि अभियान के लिए नामित विभाग आपस मे अंतर समन्वय बनाकर अपने-अपने विभागों के कार्यों को जिम्मेदारी से निर्वहन करके अभियान को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाये, साथ ही जन सामान्य को जागरूक भी करे । साफ-सफाई के प्रति नागरिको को विशेष रूप जागरूक करें । अभियान के कार्यो की सप्ताहिक समीक्षा खण्ड विकास अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी करे । उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये कि अभियान के कार्यो की प्रतिदिन की रिपोर्ट उपलब्ध कराये । आशा-आंगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी सहयोग के साथ अभियान के तहत घर-घर जाकर लोगो को जागरूक करे । गांव/नगर के सफाई कार्य,दवा छिड़काव,फॉगिंग आदि का कार्य रोस्टर बनाकर किया जा रहा है या नही इसकी भी जानकारी रखें तथा इसकी रिपोर्ट से अवगत भी कराये । नागरिको को पोस्टर,पम्पलेट के माध्यम से भी जागरूक किया जाय । आशा-आँगनवाडी कार्यकत्री घर-घर जाकर covid-19 टीका करण,बुखार,कुपोषित बच्चों,इन्फ्लूएंजा की तरह सर्दी खांसी के मरीज आदि को चिन्हित करे ।
– मच्छरों से बचाव,
– संक्रामक रोगो से बचाव के अन्य उपायों,
– बुखार होने पर क्या करे,
– covid-19 से बचाव टीकाकरण की जानकारी अवश्य दें ।
– जल जमाव न होंने दे,
अपने आस-पास मार्गो पर सफाई रहने,झाड़ी आदि को काट कर साफ सुथरा रखे जाने के लिए प्रेरित करे ।
02 अप्रैल से 30 अप्रैल 2022 तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2022 तक दस्तक अभियान के प्रथम चरण का नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पक्का तालाब में गुब्बारे उड़ाकर व हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया गया । @CommissionerPrg @UPGovt pic.twitter.com/ujFKx7GJKg
— DM FATEHPUR (@dmfatehpur) April 2, 2022
दस्तक अभियान के अंतर्गत “कोई भी बुखार दिमागी बुखार (नवकी बीमारी) हो सकता है । दिमागी की बुखार जानलेवा हो सकता है और रोग के उपरांत शारीरिक और मानसिक विकलांगता भी ला सकता है । इस बीमारी के सबसे ज्यादा प्रभावित होने का खतरा हमारे प्रदेश के 1 से 15 वर्ष के बच्चों को है । हम दिमाग की बुखार से हमारे गांव,ब्लॉक , जनपद और प्रदेश को मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं । हम शपथ लेते हैं कि दिमागी बुखार (नवकी बीमारी)से इस लड़ाई में हर संभव प्रयास करेंगे कि हमारे परिवार और समुदाय में कोई भी बच्चा दिमागी बुखार का शिकार ना हो । हम शौच के लिए शौचालय का प्रयोग करेंगे और सभी को यही करने के लिए प्रेरित करेंगे । हम अपने व्यक्तिगत साफ सफाई का ध्यान रखेंगे,अपने घर के आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखेंगे,अपने गांव के वातावरण को स्वच्छ रखेंगे तथा समुदायों को साफ सफाई एवं स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे । यदि कोई बच्चा हमारे गांव में बुखार से पीड़ित होगा उसके परिवार को तुरंत इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में ले जाने हेतु प्रेरित करेंगे की शपथ दिलाई ।
उन्होंने बताया कि 02 अप्रैल से 30 अप्रैल तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह चलेगा जबकि 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक दस्तक पखवाड़ा आयोजित होगा । विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान महीने भर स्वास्थ्य विभाग जनजागरूकता अभियान,रोगियों के उपचार की व्यवस्था,संचारी रोगों और दिमागी बुखार की निगरानी,अंग्रिम पंक्ति कार्यकर्ताओं द्वारा चिन्हित संचारी रोग और कोविड के लक्षण युक्त व्यक्तियों की जांच की व्यवस्था,लक्षण के अनुसार क्षय रोगियों के जांच की व्यवस्था,मच्छरों की दृष्टि से हाई रिस्क वाले क्षेत्रों में अन्तर्वि -भागीय सहयोग से मच्छरों को समाप्त करने की व्यवस्था, ग्राम एवं नगर विकास विभाग के सहयोग से वाहक नियंत्रण गतिविधियां,प्रचार प्रसार व व्यवहार परिवर्तन गतिविधियां और नोडल विभाग के तौर पर अन्य व्यवस्थाएं देखेगा ।
उन्होंने कहा कि आईसीडीएस,ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग,शिक्षा विभाग,नगर निगम या शहरी विकास विभाग, कृषि विभाग,पशुपालन विभाग,दिव्यांग कल्याण,स्वच्छ भारत मिशन,सूचना,संस्कृति और चिकित्सा शिक्षा विभाग को भी विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है । आईसीडीएस विभाग जनजागरूकता के साथ-साथ कुपोषित बच्चों की पहचान और उपचार के लिए संदर्भन करेगा । पंचायती राज विभाग साफ-सफाई,झाड़ियों की कटाई ,हैंडपंप मरम्मत, जनजागरूकता और निगरानी समितियों के माध्यम से कोविड के लक्षणयुक्त व्यक्तियों को दवा उपलब्ध करवाएगा । शिक्षा विभाग स्कूलों में जनजागरूकता की गतिविधियां करेगा । कृषि विभाग छछूंदर और चूहे को नियंत्रित करने की गतिविधियां करेगा । पशुपालन विभाग सूकर बाड़ों को आबादी से दूर ले जाने की गतिविधियां करेगा और पशुपालकों को पशुपालन स्थलों पर स्वच्छता के प्रति जागरूक करेगा ।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि 15 अप्रैल 2022 से शुरू हो रहे दस्तक पखवाड़े के दौरान अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ता घर-घर जाएंगी और बुखार के रोगियों की सूची तैयार करेंगी । कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण एवं लाइन लिस्टिंग किया जाएगा । कोविड के रोगियों की भी लाइन लिस्टिंग होगी । घर-घर क्षय रोग के लक्षणों वाले रोगियों का चिन्हीकरण होगा । क्षेत्रवार ऐसे मकानों की सूची तैयार होगी जहां मच्छरों का प्रजनन अधिक पाया गया हो । इस प्रकार चिन्हित रोगियों को निःशुल्क इलाज की सुविधा दी जाएगी जबकि मच्छरों के नियंत्रण के प्रभावी उपाय किए जाएंगे ।
इस मौके पर प्रशिक्षु आईएएस/जिला पंचायत राज अधिकारी सुश्री निधि बंसल,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 राजेन्द्र सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी,अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद फतेहपुर श्रीमती मीरा सिंह एवं अन्य स्वास्थ्य विभाग अधिकारी व आशा,आंगनबाड़ी कार्यकत्री सहित अन्य संबंधितगण उपिस्थत रहे ।
