फतेहपुर । दुनिया के हर देश में परिवार होता है जिसमें माता पिता पति पत्नी बच्चे और कई रिश्ते जुड़े होते हैं । हर शख्स के लिए परिवार अहम भूमिका निभाता है । परिवार की इसी भूमिका को सेलिब्रेट करने के लिए हर साल 15 मई को विश्व परिवार दिवस मनाया जाता है । इस देश के निर्माण में परिवार एक अभूतपूर्व संस्था है जो व्यक्ति के विकास के साथ ही समाज के विकास में योगदान देता है ।


पहली बार विश्व परिवार दिवस 1994 में मनाया गया था ।हालांकि इस दिन की नींव 1989 में ही रख दी गई थी । संयुक्त राष्ट्र महासभा ने जीवन में परिवार के महत्व को बताने के उद्देश्य से यह घोषणा की थी । विश्व परिवार दिवस को मनाने की शुरुआत करने के पीछे की वजह दुनिया भर के लोगों को परिवार से जोड़े रखना और परिवार से जुड़े मुद्दों पर समाज में जागरूकता फैलाना था । कोरोना काल में परिवार के लोग एक दूसरे के और करीब आए । उन्हें एक दूसरे के संग अधिक वक्त बिताने को मिला । साल 2021 में विश्व परिवार दिवस की थीम परिवार और नई प्रौद्योगिकियों थी वहीं साल 2022 के लिए संयुक्त राष्ट्र ने विश्व परिवार दिवस की थीम परिवार और शहरीकरण रखी है ।
प्राथमिक विद्यालय मुरारपुर में भी विश्व परिवार दिवस को बच्चों ने क्राफ्ट की सहायता से मनाया । स्टोन पेंटिंग द्वारा उन्होंने परिवार को दर्शाया । बच्चों को एकल परिवार और संयुक्त परिवार के बारे में भी बताया गया जिसे उन्होंने अपने तरीके से प्रदर्शित भी किया । कक्षा 5 के बच्चों ने पिस्ते के छिलकों की सहायता से चिड़िया का एक प्यारा सा परिवार बनाया तो वही कक्षा चार के बच्चों ने स्टोन पेंटिंग करते हुए एक संयुक्त परिवार को बखूबी दर्शाया । कक्षा 3 की अर्चिता ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक प्यारे से घर में एकल परिवार के सदस्यों को दिखाया । सूखी टहनियों व पत्थरों की सहायता से अंकुश व वात्सल्य ने चिड़ियों के परिवार को प्रदर्शित किया । बच्चों ने अपने अपने परिवार के बारे में चर्चा भी की । कुछ ने अपने पालतू जानवरों को भी परिवार का सदस्य बताया ।
प्रधानाध्यापिका गीता यादव ने बच्चों को संयुक्त परिवार तथा एकल परिवार में अंतर बताया,साथ ही परिवार की महत्ता भी बतायी कि किस तरह परिवार के सदस्य सुख या दुख हर वक्त साथ रहते हैं । एक दूसरे की देखभाल भी करते हैं ।
