Single Use Plastic: पर्यावरण पर प्लास्टिक के बढ़ते दुष्प्रभाव पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने आज से देशभर में सिंगल-यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) पर प्रतिबंध लगा दिया है । सरकार के इस फैसले के बाद अब प्लास्टिक से बनी कई चीजों की बिक्री बंद हो जाएगी । दैनिक जीवन में प्लास्टिक (Plastic) से बनी ऐसी कई चीजें हैं जिनका इस्तेमाल हर कोई करता है । केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय (Union Environment Ministry) ने एक लिस्ट भी जारी की है, जिन पर रोक लगाई गई है ।
सरकार का मानना है कि सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर बैन लगाने से इसके कचरे की मात्रा में कमी आएगी । क्योंकि सिंगल यूज प्लास्टिक को री-साइकिल करना मुश्किल और खर्चीला होता है । इसलिए इसका अधिकांश हिस्सा किसी ना किसी रूप में वापस से पर्यावरण में ही चला जाता है । जिससे प्रकृति को कई प्रकार से नुकसान पहुंचता है ।
भारत में रोजाना 26 हजार टन प्लास्टिक कचरा निकलता है । जिसमें मात्र 60 फीसदी को ही इक्टठा किया जाता है । बाकी चालीस फीसदी प्लास्टिक कचरा देश के नदी-नालों में पड़ा मिलता है । आपको बता दें कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने लिस्ट जारी करने के साथ ही इसको सख्ती से लागू करने के भी निर्देश जारी किए हैं । मंत्रालय ने सख्त निर्देश दिए हैं कि अगर कोई भी व्यक्ति सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी । आदेश का उल्लंघन करने वालों के पांच साल की सजा या एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकता है । वहीं लगातार उल्लंघन करने वाले पर पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भी जुर्माना लग सकता है ।
सिंगल यूज प्लास्टिक से बनी 19 चीजों पर लगा बैन
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने एक लिस्ट जारी कर प्लास्टिक से बने 19 उत्पादों पर बैन लगाया है –
– प्लास्टिक कैरी बैग
– प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड्स
– गुब्बारे के लिए प्लास्टिक स्टिक
– कैंडी स्टिक, आइस्क्रीम स्टीक
– प्लास्टिक के झंडे
– थर्माकोल (पॉलिस्ट्रीन)
– प्लास्टिक की प्लेट
– प्लास्टिक के कप
– प्लास्टिक के गिलास
– प्लास्टिक के कांट
– प्लास्टिक के चम्मच
– चाकू
– स्ट्रॉ
– प्लास्टिक ट्रे
– मिठाई के डिब्बों को रैप या पैक करने वाले फिल्म
– इन्विटेशन कार्ड
– सिगरेट के पैकेट
– 100 माइक्रोन से कम के प्लास्टिक या पीवीसे बैनर
– स्टिरर (चीनी आदि मिलाने वाली चीज)
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने सभी राज्यों को अपने यहां सिंगल यूज प्लास्टिक के अवैध रूप से इसके निर्माण, जमा और बिक्री पर नजर बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया है । मंत्रालय ने फिलहाल FMCG सेक्टर को इस बैन से छूट दी है ।
