बकेवर/फतेहपुर,30 नवम्बर । कस्बे मे चल रहे चार दिवसीय तालेश्वर मेला के आज तीसरे दिन विभीषण शरणागति,सेतुबंध रामेश्वर स्थापना,अंगद-रावण संवाद तथा लक्ष्मण शक्ति लीला का सजीव मनमोहक मंचन किया गया ।
मेला मैदान में आयोजित रामलीला में लंका दहन के पश्चात प्रभु राम प्रसन्न हो भक्त हनुमान को अपने हृदय से लगा लेते हैं । इसके बाद सभी लोग समुद्र तल पर पहुंचे । लंका में रावण के छोटे भाई विभीषण ने रावण को समझाने का प्रयास किया । लेकिन रावण ने क्रोधित होकर भी उनको लात मारकर लंका से निकाल दिया । इस पर विभीषण अपने मंत्रियों समेत राम से मिलने पहुंचे । प्रभु राम ने जल से उनका अभिषेक किया । भगवान राम के कहने पर नल और नील नामके वानर ने पत्थर को समुद्र तल पर तैराकर विशाल सेतु का निर्माण कर दिया । अंगद को शांति दूत के रूप में लंका भेजा गया ।


अंगद ने लंका में रावण को परिचय देते हुए समझाने का प्रयास किया लेकिन रावण क्रोधित हो गया । अंगद ने अपना पैर जमा दिया । जिसको रावण खुद उठाने के लिए आया तो अंगद ने प्रभु राम के समक्ष शीश झुकाने की बात कहते हुए अपना पैर हटा लिया । इसके बाद दोनों और की सेनाओं ने भयंकर युद्ध प्रारंभ हो गया । मेघनाथ लक्ष्मण से युद्ध करने लगा । लक्ष्मण ने उसके सारे वाण नष्ट कर दिए तो मेघनाथ ने लक्ष्मण पर अपने शक्ति वाण का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया । सुषेण वैद्य के कहने पर हनुमान संजीवनी लेने के लिए जाते है । उसके बाद सुषेण वैध ने लक्ष्मण की मूर्छा दूर कर दी । उधर मेले में तीसरे दिन भी दर्शकों की भारी भीड़ रही । दूर-दराज के गाँवो से आई महिलाओं ने ख़ूब ख़रीदारी की । बच्चो के लिए झूले आकर्षक का केंद्र रहे ।
इस मौके पर मेला कमेटी अध्यक्ष मनोज शुक्ला,मयंक शुक्ला, अमोल अवस्थी,शिवम सिंह,सुशील शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे ।
