– शिव मंदिरों मे भोर पहर से ही लगा है शिव भक्तों का तांता ।
बमबम भोले,ऊं नमः शिवाय से गूंज उठे शिवालय ।
वरिष्ठ पत्रकार रवीन्द्र त्रिपाठी की खास रिपोर्ट
फतेहपुर,10 जुलाई । फतेहपुर जनपद में बिन्दकी खागा तहसील सहित जहानाबाद हुसैनगंज,बहुआ सहित सभी क्षेत्रों में स्थापित शिव मंदिर व शिवालयों पर श्रावण मास पर मंदिरों में साफ-सफाई के साथ मंदिरों को सुसज्जित किया गया । शिवभक्तों ने बम भोले के जयकारे से शिव मंदिर व शिवालयों पर स्थापित शिवलिंग पर आज प्रथम सोमवार को पूजा सामग्री लेकर जलाभिषेक किया ।
सन् 2023 का सावन माह अधिमांस होने से 59 दिनों का सावन पड़ रहा है । जिसमें 08 सोमवार पड़ रहे हैं । सावन माह 4 जुलाई से 31 अगस्त तक माना गया है । उक्त माह से पूर्व शिवभक्तों को महादेव की पूजा हेतु 30 दिन मिलते थे । शिवभक्त अपने आराध्य देव देवाधिदेव महादेव को मनाने हेतु शिवलिंग पर जलाभिषेक कर अनेक तरह से पूजा अर्चना कर खुद को सौभाग्यशाली समझते हैं ।
शिव भक्तों के अनुसार बताया जाता है कि सावन माह में भगवान विष्णु जी को योग निंद्रा में चले जाने से साधु संत सहित भक्तगण शिवजी की पूजा करते हैं । सावन माह में ही मरकंडू महर्षि के पुत्र मार्कण्डेय ने भी अपनी लंबी आयु के लिए कठिन तपस्या कर पंचाक्षरी मंत्र “ओम नमः शिवाय” के जाप से शिव जी ने प्रकट होकर यमराज को मार्कण्डेय के प्राण हरने के दौरान वापस किया था ।
मान्यताओं के अनुसार सावन माह में ही शिवजी पृथ्वी पर अवतरित होकर ससुराल गए थे जहां ससुराली जनों ने उनका अक्षत्र पुष्प सहित अनेक पूजा सामग्री से स्वागत किया था । जहां प्रत्येक वर्ष सावन माह में शिवजी अपनी ससुराल आते हैं । पौराणिक कथाओं में वर्णन है कि श्रावण मास में समुद्र मंथन के दौरान हलाहल विष का जो कलश निकला । जिसे कोई लेने वाला नहीं मिला । तब भगवान शिव ने विषपान किया तो उनका कंठ नीलवर्ण हो गया । तब से शिवजी को नीलकंठ महादेव के नाम से जाना गया और देवी देवताओं ने जल अर्पित किया था । इसलिए श्रावण मास में शिवलिंग पर जल चढ़ाने का खास महत्व है । जल चढ़ाने से विशेष फल भक्तों को प्राप्त होता है ।
बिन्दकी नगर स्थित डूंढेश्वर महादेव में महंत श्याम नारायण मिश्र निडर की उपस्थिति में जलाभिषेक किया गया भोर पहर से श्रृद्धालु डूंढेश्वर महादेव में पूजा अर्चना कर रहे हैं । देर शाम तक अभी भी भक्तों के आवागमन का सिलसिला जारी है ।
इसी क्रम में जहानाबाद कस्बा में पूरनपुर समीप स्थित प्राचीन श्री राजराजेश्वर उर्फ बाड़े बाबा धाम,कापिल रोड मां अंबिका देवी मंदिर में विराजमान शिवमंदिर,दुर्गापुर रोड में महाकालेश्वर मंदिर,कटरा चुनपुज कैलाश मंदिर,रामतलाई मोड़ राम जानकी धाम सहित, चांदपुर थाना क्षेत्र में श्री गूढेश्वर धाम के साथ बिन्दकी तहसील क्षेत्र के अनेक क्षेत्रीय शिवालयों व मन्दिरों पर आज सोमवार की प्रातः से ही शिव भक्तों की भारी भीड़ शिवलिंग पर जल अर्पित करने हेतु कतार में खड़ी देखी गई ।
बम भोले के जयकारे के साथ शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया । जहां सुरक्षा की दृष्टिकोण से क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन एवं मंदिर ट्रस्ट के सुरक्षाकर्मी तैनात होकर भक्तों व महिलाओं की सुरक्षा दृष्टिकोण को ध्यान रख मंदिर में प्रवेश कराते हुए जलाभिषेक कराया । भक्तों ने जयकारे के साथ सावन के पहले सोमवार में प्रातः से सायं तक जलाभिषेक किया । जहां भक्तों ने पंडाल लगाकर प्रसाद भी वितरण किया मंदिर परिसर में लगी हुई दुकानों से खरीदारी भी की ।
फतेहपुर के सिद्धधाम तांबेश्वर में भोर पहर से ही भक्तों द्वारा जलाभिषेक जारी है । हर तरफ बमबम भोले,ऊं नमः शिवाय के स्वर नाद ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया है थवईश्वर सिद्ध पीठ महादेव मंदिर में भी श्रृद्धालुओं का तांता लगा हुआ है यहां पूरे श्रावण मास में भक्तों के आने जाने पूजा अर्चना का क्रम जारी रहेगा । इसी क्रम में कस्बा बकेवर स्थित सिद्ध बकेश्वर नाम में सावन के प्रथम सोमवार को बड़ी संख्या में शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया और स्वस्थ्य समाज की कामना किया ।
