बकेवर/फतेहपुर । देवमई विकास खंड के अंतर्गत रूसी गाँव में ड़ेंगू व टायफाइड जैसी संक्रमित बीमारियों ने पैर पसार रखा है । ग्राम सभा के अंतर्गत रूसी व दुंदपुर गाँव के आधा सैकड़ा लोग इसकी चपेट में है । घर-घर लोग बीमार है, जो इलाज़ के लिए देवमई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर कानपुर तक इलाज़ के लिए भटक रहे हैं ।
रूसी गाँव में हरिशंकर त्रिवेदी,निर्मला,निशा,ज्योति,रामनरेश, कोमल, भोला अवस्थी, सौम्या,मानसी,शिवांश,रतिभान सिंह, आरती,सक्षम की जाँच में बुखार के लक्षण पाए गए है और इन 10 लोगों के ब्लड सैम्पल जांच के लिए जिले भेजे गए हैं । दिनेश पांडेय,उमाशंकर,प्रीति अवस्थी,दीक्षा,रामदेवी,मीरा, कृष्ण कुमार उतरा, प्रशान्त की जांच के लिए तीन दिन पहले सैम्पल लखनऊ भेज गया है इनके अलावा आधा सैकड़ा लोग बीमार पड़े है । जो पीएचसी देवमई सहित जगह-जगह इलाज़ के लिए परेशान हो रहे है ।
गाँव के ही रोहित ने पीएचसी देवमई में तैनात एक चिकित्सक पर आरोप लगाते हुए कहा कि हम लोग जब इलाज के लिए देवमई अस्पताल गये थे । तब डाक्टर संदीप गुता ने अपने निजी नर्सिंग होम (अस्पताल) जहानाबाद ले गए और वहीं इलाज किया । जहाँ इलाज़ के नाम पर मनमानी ढ़ंग से अनाप- शनाप पैसा वसूला जाता है और अस्पताल के बाहर स्थित एक मेडिकल स्टोर से दवा लेने की सलाह भी दी जाती है । जिससे परेशान होकर गाँव के लोग मरीज़ो के लेकर इधर उधर भटक रहे है ।
इस सम्बंध में जब देवमई प्राभारी चिकित्सक विमलेश कुमार ने बताया कि रूसी गाँव मे लगभग 25-30 सैम्पल लेकर जांच की गई । जिनमें 10 लोगो मे ड़ेंगू के कुछ लक्षण किट द्वारा पाये गये है उनको जांच के लिए भेजा गया है ।
दवा लिखने के संदर्भ में मामला संज्ञान में आया था जिससे लिखित रूप में स्टाप के सभी डॉक्टरो को अवगत कराया गया है । अगर बाहर से दवा लिखते है तो डॉक्टर स्वम् जिम्मेदार होगा और उस पर कार्यवाही होगी ।
