फतेहपुर । चुनाव ड्यूटी करने से बचने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की बहानेबाजी का सिलसिला लोकसभा चुनाव आते ही फिर शुरू हो गया है ।
लोकसभा चुनाव की ड्यूटियां जैसे ही अधिकारियों कर्मचारियों के पास पहुंचनी शुरू हुईं तो वह बीमार होने शुरू हो गए । इसका नतीजा है कि चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन पहुंचने शुरू हो गए हैं । चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए आने वाले आवेदनों में स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया जा रहा है । जिसके चलते जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी सी० इंदुमती ने ऐसे बीमार अधिकारियों-कर्मचारियों की सघन जांच के लिए पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन करवाया है । जो चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदन करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगा ।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को जो निर्देश दिए थे उसके क्रम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीबी सिंह की अध्यक्षता में जो टीम गठित की गई है उसमें फिजिशियन के तौर पर डॉ. एनके सक्सेना,ऑर्थो सर्जन डॉ.सुधीर श्रीवास्तव,महिला चिकित्साधिकारी के रूप में डॉ.अंजली गुप्ता,नेत्र सर्जन डॉ. विश्वेश त्रिपाठी को शामिल किया गया है । स्वास्थ्य कारणों से जो अधिकारी-कर्मचारी चुनावी ड्यूटी कटवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं । उनकी जांच पांच सदस्यीय चिकित्सीय टीम करेगी और चिकित्सीय अभिलेखों के साथ अपनी रिपोर्ट देगी जिसे जिला निर्वाचन अधिकारी तक भेजा जाएगा । जिलाधिकारी द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद से ही मटरगश्तों एवं बहानेबाजों की हवा निकल गई है । ड्यूटी न करनी पड़े इसके लिए अधिकारी-कर्मचारी अब नए बहाने खोजनें में लग गए हैं । बड़ी संख्या में तो ऐसे भी कर्मचारी हैं । जो केवल इसलिए ड्यूटी नहीं करना चाह रहे कि उनका कहना है कि उन्होंने कभी ड्यूटी किया ही नहीं लेकिन डीईओ ने जो व्यवस्था की है उससे मटरगश्तों को ड्यूटी कटवाना अब आसान न होगा ।
