बिन्दकी/फतेहपुर । मध्य बाजार बिन्दकी स्थित श्री हनुमान मंदिर परिसर में सायं 7 बजे से 8 बजे तक सर्व समाज विकास समिति उ०प्र० द्वारा मातृ दिवस के उपलक्ष्य में बैठक आहुत की गयी ।
बैठक की अध्यक्षता समिति के प्रबन्धक धर्मेन्द्र मिश्र एवं संचालन सचिव अनुराग मिश्रा ने किया । बैठक को सम्बोधित करते हुए सर्व समाज विकास समिति उ० प्र० के लेखा निरीक्षक सात्विक शुक्ला ने कहा कि माता का स्थान देवताओं के समान पूज्यनीय माना जाता हैं क्योंकि वह संतान को जन्म देती है । उसकी रक्षा करती और उसे प्यार करती है । माँ का स्थान देवताओं से भी ऊपर होता है ।
क्योंकि वह सबसे पहले गुरु होती है और हर सुख -दुख में संतान के साथ खड़ी रहती है । हमारी सनातन संस्कृति में माता और मातृ भूमि का स्थान स्वर्ग से भी ऊपर है । ‘जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी’यह वाक्यांश संस्कृत श्लोक में है ,जो ‘वाल्मीकि रामायण’ में मिलता है । माँ को प्रेम, त्याग और समर्पण का प्रतीक बताया । राष्ट्र कवि ‘मैथिलीशरण गुप्त’ की माँ विषय में प्रसिद्ध पंक्ति माँ कह एक कहानी तथा कवियत्री सरस्वती बाजपेई की कृति” पाती ढाई आखर की “माँ विषय में प्रसिद्ध रचना माँ हैं तो एक शब्द पर ये शब्द है साम्यता ऊँकार की” रचना का कविता पाठ कर भारत देश की समस्त माताओं का वन्दन एवं अभिन्दन किया । बैठक में उपस्थित माताओं को मातृ दिवस पर माल्यार्पण कर सम्मानित किया ।
बैठक में भारत देश की मातृ शक्ति की जय हो का उद्घोष हुआ । उद्घोष की हुँकार पूरे प्रांगण में छा गई ।
इस मौके पर धर्मेन्द्र मिश्र,सात्विक शुक्ला,नीता शुक्ला,गिरजा मिश्रा ,अरुणा शुक्ला,राज कुमार गुप्ता ,आदित्य शुक्ला, वंदना ,ब्राम्ही, राजेश कुमार गुप्ता, सुनीता शुक्ला साहित कई अन्य मातायें,बहने ,छोटे-छोटे बच्चे समिति के पदाधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे ।
