कानपुर । सरसौल में स्थित प्राचीन श्री चतुर्भुज मंदिर को नया स्वरूप मिलने जा रहा है । पर्यटन विभाग ने मंदिर के जीर्णोद्धार की स्वीकृति दे दी है ।
वही हजारों वर्ष पुराना है । मंदिर का इतिहास मंदिर में प्राचीन अष्टधातु की राम दरबार की मूर्ति स्थापित है । डॉ. संदीप गुप्ता के अनुसार मंदिर परिसर में मिले प्राचीन प्रतिमाओं के अवशेष इसकी प्राचीनता को सिद्ध करते हैं ।
अनुमान है कि यह मंदिर राजा चंद्रगुप्त के शासनकाल में बना था। 1955 में मंदिर समिति का हुआ था गठन हुआ था वही मंदिर के पुजारी जय प्रकाश शुक्ला ने बताया कि श्री चतुर्भुज मंदिर विकास समिति का गठन 1955 में हुआ था । मंदिर के विकास कार्यों की रूप रेखा तैयार करने के लिए एक बैठक आयोजित की गई ।
वही मंदिर को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए विनय मिश्रा और रानू शुक्ला को समिति का संरक्षक सदस्य नियुक्त किया गया है । उन्होंने बताया कि पिछले कई सालों ने मंदिर परिसर में समय-समय पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते है । आसपास गांव के लोग धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होते है ।
वही बैठक में मंदिर समिति के अध्यक्ष अजय त्रिपाठी, सचिव डॉ. संदीप गुप्ता,पम्मी गुप्ता, गुड्डू सिंह, शानू अग्निहोत्री,शिवभवन सिंह, महेंद्रनाथ शुक्ला,चंद्रभान सिंह परिहार,कुलदीप गुप्ता,पप्पू सिंह,सत्य वीर सिंह आदि सम्मानित लोग मौजूद रहें ।
