– बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों/चयनित संवेदनशील गांवों का विशेष ध्यान दे- जिलाधिकारी
फतेहपुर । विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई उन्होंने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 05 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 एव दस्तक अभियान 11 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक संचालित किया जाएगा ।
उन्होंने कहा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान में जहां बाढ़ का पानी जमा हो गया था एवं जो गांव संवेदनशील चिन्हित है उन ग्रामों में संवेदनशीलता के साथ संचारी रोगों से संबंधित सभी गतिविधियां सुनिश्चित कराई जाय । जिसका विशेष ध्यान रखें ।
पूर्व में चलाए गए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की विस्तृत समीक्षा करते हुए चर्चा की । समीक्षा के दौरान जिन पैरामीटरों की प्रगति कम थी । जिसमें सुधार करने के निर्देश संबंधितों को दिए ।
उन्होंने संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए अभियान की पूरी तैयारी समयबद्ध ढंग से करने के निर्देश संबंधितो को दिए ।
उन्होंने कहा कि ऐसे रोग जो एक रोगग्रस्त व्यक्ति से दूसरे स्वास्थ्य व्यक्ति मे दूषित भोजन, जल के प्रयोग से तथा कीटो,जानवरो आदि के सम्पर्क मे आने से फैलते है । जिन्हे संचारी/संक्रामक रोग कहते है । यह विभिन्न रोग जनित कारको जैसे प्रोटोजोवा,कवक, जीवाणु, विषाणु इत्यादि के कारण होते है ।
मलेरिया,डेंगू,चिकनगुनिया,डायरिया आदि संचारी रोगों से जुडे़ मामलों की आशंका को देखते हुए जनपद में अन्तर्विभागीय समन्वय से युद्ध स्तर पर कार्य कर अभियान को सफल बनाया जाय ।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने से संबंधित विभाग से क्या कार्य किए जाने है,अपने अधीनस्थों को जानकारी भलीभांति दे दें एवं खंड विकास स्तर का माइक्रोप्लान बना ले । उन्होंने कहा कि खंड विकास स्तर व तहसील स्तर की बैठके जो शेष रह गई है जल्द से जल्द कराना सुनिश्चित करे । साथ ही ब्लॉक स्तर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की साप्ताहिक समीक्षा कर रिपोर्ट से अवगत कराए । अभियान की निगरानी संवेदनशीलता के साथ की जाय । इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही/शिथिलता क्षम्य नहीं होगी ।
उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी/अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत को निर्देशों दिए कि सैनिटाइजेशन तथा फॉगिंग,एंटीलार्वा का छिड़काव,नालियों की साफ सफाई, झाड़ियों का कटान आदि का विशेष ध्यान दे । साथ ही नगर पालिका के वार्डो व ग्राम पंचायतों में बैठक कर संचारी रोग अभियान से संबंधित जागरूक करे और तथा होने वाले कार्यक्रमों की ग्राम प्रधान मुनादी अवश्य कराए ।
तालाबों, नालों व नालियों में एण्टीलार्वा का छिड़काव तथा कूड़े का निस्तारण ठीक ढंग से किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि निगरानी समितियां डोर-टू-डोर सर्वे करें और यदि कोई बच्चा बुखार आदि से ग्रसित है, तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में परामर्श व आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराएं । जिन ब्लाकों की बैठक अभी नहीं हुई है कि तत्काल कराना सुनिश्चित करे ।
उन्होंने चिकित्सा,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण,नगर विकास,पंचायती राज,आई0सी0डी0एस0,ग्राम्य विकास,चिकित्सा शिक्षा,शिक्षा,दिव्यांग जन सशक्तीकरण,कृषि,पशुपालन,खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा अन्य सभी सबंधित विभाग को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बना कर संचारी रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के संबंध में कार्यवाही करें और अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाए ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके । उन्होंने आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को संचारी रोगों अभियान में अपने दायित्वों का सही से निर्वहन करे ।
इस अवसर मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना,मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 राजीव नयन गिरी,डीपीएम,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी,मुख्य पशुचिकित्साधिकारी,अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत,खंड विकास अधिकारी सहित सम्बंधित उपस्थित रहे ।
