बिन्दकी/फतेहपुर । मां काली जी देवी मंदिर के दरबार में आयोजित 11 दिवसीय महायज्ञ मेला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही । रासलीला में भगवान श्री कृष्ण द्वारा पूतना का वध किया गया ।श्रद्धालुओं ने मां काली जी देवी के दर्शन किया प्रसाद चढ़ कर आशीर्वाद प्राप्त किया और मन्नत मांगी । ऐसी मान्यता है की मां काली के दरबार में जो भी भक्त सच्चे मन से मन्नत मांगता है । मां काली देवी उसकी मन्नत अवश्य पूरी करती है ।
कस्बे के मोहल्ला हजरतपुर ठठराही में आयोजित 11 दिवसीय शत चंडी महायज्ञ मेला तथा रासलीला के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार को दिन में करीब 1:30 बजे रासलीला में पूतना वध का मंचन किया गया । कंस को भविष्यवाणी में पता चला था कि वासुदेव तथा देवकी का आठवां पुत्र उसे मारेगा इसलिए कंस ने अपनी राक्षसी बहन पूतना को गोकुल भेजा ताकि वह कृष्ण को मार सके । पूतना ने सुंदर स्त्री का मायावी रूप धारण किया और नंद बाबा के घर पहुंची । उसने बातों में उलझा कर यशोदा माता से कृष्ण को अपने गोद में ले लिया । पूतना ने भगवान श्री कृष्ण को अपना विषैला स्तनपान कराकर मारना चाहा । लेकिन भगवान श्री कृष्णा दूध पीने के साथ पूतना के प्राण भी खींच लिए । जिससे पूतना की मौत हो गई । उधर मां काली जी देवी के दरबार को भव्य रूप से सजाया गया था । श्रद्धालु मां काली जी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे थे ।
मान्यता है कि जो भी भक्त मां काली जी से सच्चे मन से मन्नत मांगता है मां काली देवी उसकी मन्नत अवश्य पूरी करती है । उधर यज्ञ मंडप में आचार्यों द्वारा पूजा अर्चना कराई जा रही थी । मेले में लोगों ने खरीदारी भी की ।
