बिन्दकी/फतेहपुर । क्षेत्र में बिना परमिशन के बड़े पैमाने पर हो रहे मिट्टी खनन की जानकारी अधिकारियों को नहीं रहती । अफसरों के ड्राइवरों की खनन माफिया से गहरी सांठगांठ होना बताया जा रहा है । सोमवार की रात जिगनी गांव के पछीहाता पानी टंकी के पास हो रहे मिट्टी खनन की कार्यवाही हेतु टीम निकली थी तभी एक अफसर के चालक ने खनन माफिया को इसकी जानकारी दे दी । जिससे प्रशासन की सारी कवायद धारी की धरी रह गई । सूत्रों ने बताया तीन अधिकारियों के ड्राइवर एक ही रिश्ते के है जो हर व्यावसायिक अपराधो को बढ़ावा देने में संलिप्त हैं ।
सप्ताह भर से जिगनी गांव के पक्षीहाता में रात को मिट्टी का खनन खुलेआम हो रहा है । जिसकी भनक अधिकारियों को नहीं लग सकी । सूत्र बताते तीन स्थानीय अधिकारियों के ड्राइवर जो एक ही रिश्ते के हैं । इनकी खनन माफियाओं से गहरी सांठगांठ है । सोमवार को रात राजस्व अधिकारी टीम के साथ जिगनी गांव के लिए निकले ही थे तभी एक अफसर के चालक ने खनन माफिया को जानकारी दे दी । मौके पर मिट्टी की खोदाई कर रही जेसीबी और ट्रैक्टर भाग निकले ।
बताया जाता सरकंडी पुलिस चौकी के पास एक जेसीबी आते टीम को मिली जिसे अधिकारी ने रोका तो उसका चालक टीम पर भारी पड़ गया । छापेमारी टीम के साथ कोई सक्षम प्रशासनिक अधिकारी न होने से सारी कवायद बेमकसद साबित हुई । क्षेत्रीय लेखपाल से लेकर अफसर तक अनजान रहे । खनन अधिकारी से माफियाओं को पूरी छूट मिली हुई है । ग्रामीणों का आरोप खनन विभाग को सूचना दिए जाने पर कार्यवाही करना तो दूर रहा खनन इंस्पेक्टर जांच करने तक नहीं आते उनके पास रटा-रटाया सा जवाब रहता है । जांच की जा रही कुछ दिनों में मामला ठंडा पड़ जाता है । इस तरह से खनन महकमें ने खनन माफियाओं को छूट दे रखी है ।
बताया जाता जब से जिला खनन अधिकारी की तैनाती हुई खनन माफियाओं को खुला छूट मिल गई है । सूत्रों ने बताया स्थानीय प्रशासन के तीन गाड़ियों के चालक एक ही रिश्ते के है । जो खनन माफियाओं के करीबी होना बताया गया । ये अधिकारियो के गाड़ी चालक व्यवसायिक अपराधी को छापेमारी की जानकारी कार्यवाही से पहले दे देते है । थोड़े से पैसों की लालच अधिकारी पर भारी पड़ सकती है । ऐसे गाड़ी चालकों पर कार्यवाही तय की जानी चाहिए ताकि सरकार को पहुंच रही क्षति में लगाम लग सके ।
