ईरानी विदेश मंत्रालय ने लेबनान में हुए युद्धविराम को अमेरिका के साथ बनी व्यापक समझ का हिस्सा बताया है ।
World 🌍 Breaking News । ईरान ने लेबनान में युद्धविराम का स्वागत किया है और इसे कूटनीतिक सफलता के साथ-साथ हिज़्बुल्लाह के ‘प्रतिरोध’ का नतीजा बताया है ।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा कि ईरान इस युद्धविराम को अमेरिका के साथ व्यापक समझ का हिस्सा मानता है, जो पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई बातचीत के ज़रिए बनी । उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान लगातार पूरे क्षेत्र में व्यापक युद्धविराम की मांग करता रहा है । ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस युद्धविराम के लिए हिज़्बुल्लाह की भूमिका का भी ज़िक्र किया ।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाक़िर क़ालिबाफ़ ने एक्स पर अरबी में किए गए एक पोस्ट में कहा कि यह समझौता “हिज़्बुल्लाह की मज़बूती और प्रतिरोध धुरी की एकता का नतीजा भर है ।”
‘प्रतिरोध धुरी’ एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल ईरान मध्य-पूर्व में अपने सहयोगी समूहों के नेटवर्क के लिए करता है ।
ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कोर की विदेशी अभियानों से जुड़ी क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर इस्माइल क़ानी ने हिज़्बुल्लाह को “विजेता” बताया । उन्होंने कहा कि यह समझौता लेबनान के प्रतिरोध की मज़बूत दृढ़ता और इस्लामी गणराज्य ईरान के समर्थन का नतीजा है ।
ईरान के सरकारी मीडिया ने भी बड़े पैमाने पर वरिष्ठ अधिकारियों की इसी लाइन को दोहराया और लेबनान में युद्ध विराम को हिज़्बुल्लाह के “प्रतिरोध” और ईरान के कूटनीतिक दबाव का नतीजा बताया ।
रोलिंग न्यूज़ चैनल आईआरआईएनएन ने शुक्रवार सुबह कहा कि ईरान और हिज़्बुल्लाह के प्रतिरोध ने अमेरिका और इसराइल को “लेबनान में 10 दिन के युद्धविराम को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया ।”
