बुधवार को दक्षिणी लेबनान में इसराइली हवाई हमले के बाद की तस्वीर ।
World News Update । अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा है कि इसराइल और लेबनान ने सीज़फ़ायर लागू करने पर सहमति जताई है । हालाँकि इसके लिए एक शर्त यह है कि हिज़्बुल्लाह को अपने हमले पूरी तरह रोकने होंगे । यह सहमति तब बनी जब बुधवार को दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमलों में कम से कम नौ लोग मारे गए और हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इसराइल पर रॉकेट हमले किए ।
अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान में कहा “सभी देशों ने इस बात की पुष्टि की है कि इसराइल और लेबनान के बीच संबंधों का भविष्य दोनों संप्रभु सरकारों को ही तय करना चाहिए उन्होंने किसी भी देश या नॉन स्टेट एक्टर की ओर से लेबनान के भविष्य को बंधक बनाने के किसी भी प्रयास को ख़ारिज किया ।” यह समझौता इस शर्त पर भी आधारित है कि दक्षिणी लेबनान में इसराइल के नियंत्रण वाले उस क्षेत्र से “हिज़्बुल्लाह के सभी लड़ाकों को हटा दिया जाए” । यह इलाक़ा लिटानी नदी से लेकर सीमा तक फैला हुआ है और जिसे समझौते में ‘साउथ लिटानी सेक्टर’ कहा गया है ।
मार्च के अंत में, इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने कहा था कि आईडीएफ़ दक्षिणी लेबनान के एक बड़े इलाक़े में एक सुरक्षा क्षेत्र स्थापित करेगा, और जब तक उत्तरी इसराइल सुरक्षित नहीं हो जाता तब तक विस्थापित हुए हज़ारों निवासियों को वहां वापस लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी ।
यह सीज़फ़ायर समझौता सोमवार को हुई एक आंशिक सीज़फ़ायर सहमति के बाद आया है । लेबनान ने कहा था कि इस सहमति के तहत इसराइल बेरूत पर बमबारी नहीं करेगा । जिसके बदले में हिज़्बुल्लाह इसराइल पर हमला नहीं करेगा ।
दोनों देश 22 जून को फिर मिलेंगे ताकि “एक व्यापक समझौते तक पहुंचने के मक़सद से” आगे की बातचीत की जा सके हिज़्बुल्लाह ने अभी तक इस घोषणा पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है ।
