जालोर । सांचौर के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद रविवार को अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा हुआ । मृतक के परिजनों ने चिकित्सक और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव के साथ करीब तीन घंटे तक धरना दिया । बाद में प्रशासन की मौजूदगी में हुई वार्ता के बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर शव को हटाया ।
वहीं अस्पताल संचालक डॉ सुभाष सैनी ने आरोपों से इनकार करते हुए बताया कि मरीज की जांच में रविवार को टीबी होने की पुष्टि हुई थी और उसका उपचार किया जा रहा था ।
उन्होंने कहा कि मरीज की पल्स रेट अचानक गिरने पर उसे बेहतर इलाज के लिए गुजरात रेफर किया गया था । मरीज की मौत के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे थे । जिनसे बातचीत कर मामला शांत करा दिया गया ।
जानकारी के अनुसार कुड़की निवासी मनोहर पुत्र पनाराम गायणा (50) को गत 22 जुलाई को बुखार और खांसी की शिकायत होने पर निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था ।
परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान मरीज को गलत इंजेक्शन लगाया गया । जिससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई । इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने उसे गुजरात रेफर कर दिया, जहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया ।
मृतक के बेटे मुकेश कुमार ने बताया कि उनके पिता सामान्य हालत में अस्पताल पहुंचे थे और चिकित्सक ने दो दिन भर्ती रखने की सलाह दी थी ।
उनका आरोप है कि इलाज के दौरान मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती रही । उन्होंने दूसरे डॉक्टर को रिपोर्ट दिखाने पर गंभीर स्थिति की जानकारी मिलने की बात कही ।
उनका कहना है कि रविवार सुबह इंजेक्शन लगाने के बाद मरीज को खून की उल्टियां शुरू हुईं जिसके बाद उसे गुजरात रेफर किया गया । परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज से संबंधित फाइल और दस्तावेज उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए ।
घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर धरना दिया और हॉस्पिटल के संचालक डॉ सुभाष सैनी के खिलाफ कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश के बाद मामला शांत कराया ।
