अमेरिका । जून में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाक़ात की ।
अमेरिकी सीनेट ने रूस और उसके पेट्रोलियम उत्पादों के प्रमुख ख़रीदारों, जैसे चीन और भारत को दंडित करने वाले एक विधेयक को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी । अमेरिकी सांसदों का दावा है कि इस तरह का व्यापार यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा देने में मदद करता है ।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ विधेयक का नाम बदल कर ‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ कर दिया गया है । सीनेट ने इसे 86-11 मतों से मंजूरी दी । यह विधेयक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस के तेल और गैस के शीर्ष पांच आयातक देशों से आने वाले सामान पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की अनुमति देता है ।
व्हाइट हाउस के नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के निदेशक केविन हेसेट जब इस मामले में सवाल किया गया कि क्या यह विधेयक भारत-अमेरिका ट्रेड डील की बातचीत पर असर डाल सकता है तो उन्होंने कहा “यह वार्ताकारों पर निर्भर करता हैं । जो प्रक्रिया चल रही है । मैं उसके बारे में कुछ नहीं कह सकता ।”
