लखनऊ । समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का निधन हो गया है । 74 वर्ष की आयु में उन्होंने 25 सितंबर 2026 की रात (शुक्रवार) लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) में अंतिम सांस ली । वह लंबे समय से हृदय, मधुमेह और किडनी से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित थे और अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती थे ।
समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का शुक्रवार रात निधन हो गया । उन्होंने लखनऊ के PGI में 74 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली ।
मजबूत राजनीतिक सफर— बलिया जिले के रहने वाले राम गोविंद चौधरी अपने राजनीतिक जीवन में 8 बार विधायक चुने गए थे । उन्होंने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी और जयप्रकाश नारायण व पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ भी काम किया था ।
अखिलेश यादव के करीबी— वह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सबसे भरोसेमंद और करीबी कद्दावर नेताओं में से एक माने जाते थे ।
महत्वपूर्ण पदों पर रहे— वे मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव दोनों की सरकारों में उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रहे। इसके अलावा वर्ष 2017 से 2022 तक उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की अहम जिम्मेदारी निभाई थी ।
राम गोविंद चौधरी आठ बार विधायक रहे और बलिया की बांसडीह विधानसभा सीट से उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी । छात्र राजनीति से शुरुआत कर उन्होंने जेपी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी और आपातकाल के दौरान जेल भी गए थे । 2002 में मुलायम सिंह यादव के साथ सपा में आए चौधरी अखिलेश यादव के भी करीबी माने जाते थे ।
