ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट के मामले में कड़े रुख़ का संकेत दिया है, जो अमेरिका के साथ समझौते को लेकर आशंकाएं खड़ी करता है ।
ईरान । देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहम्मद बग़र ज़ोलग़ाद्र ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट तब तक नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका उनकी छह मांगें पूरी नहीं कर देता ।
फ़ारसी के मुताबिक़ इन मांगों में ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील,युद्ध में हुए नुक़सान की भरपाई,ईरानी बंदरगाहों की नौ सैनिक नाकाबंदी फौरन हटाना, ईरान के ख़िलाफ़ धमकियों को रोकना और देश की जब्त संपत्तियों को मुक़्त करना शामिल है ।
विश्लेषकों के अनुसार ज़ोलग़ाद्र ने काफ़ी हद तक ईरान की पिछली मांगों को दोहराया है, लेकिन यह बातचीत में होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरान के कड़े रुख़ का संकेत है ।
ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब ईरान और ओमान ने होर्मुज़ से जहाज़ों के गुज़रने के लिए नई व्यवस्थाओं पर हालिया बातचीत को “सकारात्मक और रचनात्मक” बताया है ।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि ओमान के साथ बातचीत अंतिम चरण में है लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समझौते पर पहुंचने का मतलब होर्मुज़ स्ट्रेट का तुरंत खुलना नहीं है और इस जलमार्ग का फिर से खुलना “अन्य शर्तों के अधीन” है ।
इससे पहले समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत में प्रगति हुई है और अमेरिका को उम्मीद है कि जल्द ही एक समझौता हो जाएगा ।
अधिकारी के अनुसार होर्मुज़ से कमर्शियल जहाज़ों के बिना रोक-टोक के गुज़रने की गारंटी देने वाले समझौते की घोषणा के बाद अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा लेगा ।
