प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए एक बार फिर कांग्रेस की आलोचना की ।
उन्होंने कहा, “देश जब आजादी के 100 साल मनाएगा, तब हमें देश को कहाँ ले जाना है,कैसे ले जाना है, इसके लिए ये बहुत महत्वपूर्ण समय है ।”
पीएम मोदी ने संसद में कहा, “अगर महात्मा गांधी की इच्छानुसार कांग्रेस न होती तो क्या होता । उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस न होती तोलोकतंत्र परिवारवाद से मुक्त होता, अगर कांग्रेस न होती तो भारत विदेशी चस्पे के बजाय स्वदेशी संकल्पों के रास्ते पर चलता,अगर कांग्रेस न होती तो देश पर इमरजेंसी का कलंक नहीं होता, दशकों तक करप्शन को संस्थागत न बनाकर रखा होता, जातिवाद और क्षेत्रवाद की खाई इतनी गहरी नहीं होती ।”
उन्होंने कहा, “अगर कांग्रेस न होती तो सिखों का नरसंहार न होता, सालों-साल पंजाब आतंक की आग में न जलता, कश्मीर के पंडितों को कश्मीर छोड़ने की नौबत न आती, बेटियों को तंदूर में जलाने की घटनाएं न होती, देश के सामान्य आदमी को मूल सुविधाओं के लिए इतने साल इंतजार न करना होता ”
पीएम मोदी ने बताया कि अगर कांग्रेस ना होती तो क्या होता………
पीएम मोदी ने सदन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “जिन लोगों को 50 साल काम करने का मौका मिला उन्होंने कुछ नहीं किया । डेमोक्रेसी का गला घोंटने वालों को डेमोक्रेसी पर नहीं बोलना चाहिए । कांग्रेस ने डायनेस्टी के आगे सोचा ही नहीं है । भारत के लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा है, परिवारवादी पार्टियों का है,ये मानना पड़ेगा । पार्टी में भी जब कोई परिवार सर्वोपरि हो जाता है,तो सबसे पहली कैजुएल्टी टैलेंट की होती है ।”
अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है । कांग्रेस की समस्या यह है कि उन्होंने वंशवाद के अलावा कभी कुछ नहीं सोचा । भारत का लोकतंत्र परिवार आधारित पार्टियों के लिए सबसे बड़े ख़तरे का सामना कर रहा है ।

हार-जीत की निराशा को देश पर ना थोपें
पीएम मोदी ने कहा,” इस सदन में कुछ साथियों ने भारत की निराशाजनक तस्वीर पेश की और ऐसा लग रहा था कि उन्हें इसे पेश करने में आनंद भी आ रहा था ।”
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे लगता है कि सार्वजनिक जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और जय-पराजय होती रहती है, उससे छाई हुई व्यक्तिगत जीवन की निराशा कम से कम देश पर नहीं थोपनी चाहिए ।
अर्बन नक्सल के चंगुल में कांग्रेस
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस,अर्बन नक्सल के चंगुल में फंसी हुई है. यही वजह है कि वह बार-बार बोल रही है कि हम इतिहास बदल रहे हैं । हम इतिहास नहीं बदल रहे हैं । हम उन्हें थोड़ा पहले ले जाते हैं । इसी कारण उन्हें दिक़्क़त होती है, क्योंकि उनका इतिहास तय है ।
पीएम मोदी ने कहा, “कुछ लोगों का इतिहास एक परिवार तक सीमित है । गौरवपूर्ण इतिहास को भुला देना ठीक नहीं होगा ।”

पंडित नेहरू का भी किया ज़िक्र
पीएम मोदी ने गोवा का उदाहरण देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा ।
पीएम मोदी ने कहा, ”सरदार पटेल से प्रेरणा लेकर गोवा के लिए रणनीति बनाई गई होती तो भारत की आज़ादी के 15 साल बाद तक गोवा को ग़ुलामी की ज़ंजीरों में नहीं रहना पड़ता । नेहरू अपनी छवि को इतने लेकर चिंतित थे, कि गोवा में जिस समय सत्याग्रहियों पर गोलियां चल रही थीं, तब हमारे देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि मैं सेना नहीं भेजूंगा । गोवा के साथ कांग्रेस ने ये जुल्म किया ।”
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने गोवा के साथ-साथ लोगों के साथ भी भेदभाव किया ।
लता मंगेशकर के छोटे भाई हृदयनाथ मंगेशकर का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें ऑल इंडिया रेडियो से इसलिए निकाल दिया गया क्योंकि उन्होंने वीर सावरकर की कविता को रेडियो पर प्रस्तुत किया था । उसके आठ दिन के अंदर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया ।
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने साल 1955 में लाल किले की प्राचीर से दिए पंडित जवाहर लाल नेहरू के एक भाषण का भी ज़िक्र किया जिसमें उन्होंने गोवा में सेना भेजने से इनक़ार कर दिया था ।
पीएम मोदी ने कहा कि नेहरू जी को अपनी इमेज की इतनी अधिक चिंता थी कि उन्होंने गोवा सेना नहीं भेजी ।

महंगाई पर क्या बोले पीएम
पीएम मोदी ने बताया कि अमेरिका 40 साल में सबसे ज्यादा महंगाई के दौर से गुज़र रहा है, ब्रिटेन 30 साल की रिकॉर्ड महंगाई झेल रहा है, ऐसे माहौल में भी हमने महंगाई को एक लेवल पर रोकने में सफलता पायी है ।
महंगाई पर पीएम मोदी ने कहा कि महंगाई को एक लेवल पर रोकने का प्रयास किया गया । 2014 से 2020 तक ये दर 4-5 फ़ीसदी तक था । इसकी यूपीए से तुलना करें तो पता चलेगा कि महंगाई होती क्या है । यूपीए के समय महंगाई डबल डिजिट में थी । आज हम एकमात्र बड़ी इकॉनमी हैं जो उच्चतम विकास और मध्यम महंगाई को देख रहे हैं । दुनिया की अर्थव्यवस्था को देखें तो वहां की अर्थव्यवस्था में या तो ग्रोथ स्लो हुई है या फिर महंगाई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ रही है ।

कोरोना महामारी में भारत का प्रयास सराहनीय
कोरोना महामारी के संदर्भ में पीएम मोदी ने कहा, ‘कोरोना एक वैश्विक महामारी है और बीते सौ साल में मानवजाति ने ऐसा संकट नहीं देखा । यह संकट बहरुपिया है, और समय-समय पर अलग-अलग रूप लेकर आ रहा है । पूरी दुनिया इससे जूझ रही है । लेकिन आज पूरे विश्व में भारत के कामों की सराहना हो रही है । यह किसी राजनीतिक दल की उपलब्धि नहीं है, यह सभी की उपलब्धि है ।’

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लीडरशिप की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है ।
मोदी ने कहा कि रुकावट के बाद भी लाखों परिवारों को, ग़रीबों को पक्का घर देने की दिशा में लगातार चलते रहे । 5 करोड़ ग़रीब परिवारों के लिए नल से जल पहुंचाकर एक बड़ा काम किया है ।
