फतेहपुर । आज अंतराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर कार्यालय सहायक श्रमायुक्त परिसर फतेहपुर में बाल श्रम विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया । जिसमें समाजसेवी संस्थाए,अधिवक्तागण एवं श्रमिकगण तथा विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे ।

संगोष्ठि का मुख्य उद्देश्य जनपद से बाल श्रम को जड से खत्म कर जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाना है । सहायक श्रमायुक्त द्वारा बताया गया कि बाल श्रम एक सामाजिक बुराई है । जिससे निपटने के लिये हम सभी को आगे आना होगा क्योकि बच्चे देश का भविष्य है अगर आज इन्हे शिक्षित नही किया जायेगा तो हमारे देश की तरक्की में बाधा उत्पन्न होगी ।
कार्यक्रम में उपस्थित विरेन्द्र मणि त्रिपाठी अधिवक्ता द्वारा श्रम कानूनों के सम्बन्ध में विस्तार से श्रमिकों को विधिक जानकारी उपलब्ध कराई गई । जैसे बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं सेवा शर्तो का विनियमन) अधिनियम 1986,न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948,वेतन भुगतान अधिनियम,1936,बोनस भुगतान अधिनियम,1965,अन्तर्राज्यीय कर्मकार अधिनियम तथा सामान पारिश्रमिक अधिनियम एवं संविदा श्रम अधिनियम आदि के बारे में जानकारी उपलब्ध कराते हुए । यह भी कहा गया कि वह श्रमिकों के हितार्थ निःशुल्क वाद दायर करने में सहयोग प्रदान करेंगे ।
कार्यक्रम में से राजेन्द्र प्रसाद साहू,अध्यक्ष जिला बाल कल्याण समिति एवं चाइल्ड लाईन से अजय प्रताप सिंह चौहान,मणि प्रकाश दूबे,अध्यक्ष जन कल्याण एंव ग्राम विकास संस्थान,एस0पी0 दिक्षित,अध्यक्ष,गोविन्द सेवा समिति, ग्राम प्रधान खांण्डेदेवर अरविन्द तथा जनपद के समस्त श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा बाल श्रम उन्मूलन के संबंध में अपने-अपने विचार व्यक्त किये कार्यक्रम के अन्त में श्रम प्रवर्तन अधिकारी विनीत त्रिपाठी द्वारा श्रमिक संगोष्ठी में आये हुए सभी पदाधिकारियों कर्मचारियों एवं उपस्थित श्रमिकों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया । कार्यक्रम के समापन के उपरान्त जनपद में बाल श्रम निषेध से संबंधित जागरुकता के उद्देश्य से प्रचार रथ की रवानगी हरी झंडी दिखाकर सहायक श्रमायुक्त द्वारा किया गया ।
