रवीन्द्र त्रिपाठी की रिपोर्ट
रतलाम (मध्य प्रदेश) । यह रतलाम शहर पूरे देश में रतलामी नमकीन के लिए जाना जाता है । इसके इतर आस्था व विश्वास का भी अद्भुत एक विशिष्ट स्थान रखता है ।
मध्य प्रदेश के रतलाम का लक्ष्मी मंदिर जहां धनतेरस के दिन रखे जाते हैं । करोड़ों के आभूषण वह भी बिना किसी स्लिप के । यह सब आभूषण व नगदी श्रृद्धालुओं द्वारा रखे जाते हैं जिसका लेखा-जोखा सिर्फ श्रृद्धालुओं के पास होता है । मंदिर प्रबंधन से कोई लेना-देना नहीं होता है ।
धनतेरस से एकादशी तक के लिए सोना,चांदी,हीरे मोती के कीमती आभूषण व नगदी मां लक्ष्मी के चरणों में श्रृद्धालू रखकर जाते हैं । एकादशी को श्रृद्धालु जिसका जितने आभूषण व नगदी रखी गई है स्वयं उठाकर ले जाते हैं । मंदिर प्रबंधतंत्र के अनुसार आज तक किसी के आभूषण व नगदी की चोरी नहीं हुई है । आस्था व विश्वास की यह परम्परा पिछले काफी वर्षों से चली आ रही है । ऐसा मेरा भारत देश एक मात्र दुनिया का देश है जहां आज भी आस्था और विश्वास कायम है ।
