बकेवर/फतेहपुर,04 दिसम्बर । क्षेत्र के ग्राम बरिगवां में 150 वर्षीय पुरानी रामलीला का आयोजन किया जा रहा है । यह ऐतिहासिक रामलीला क्षेत्र के गौरवमई इतिहास का अद्वितीय उदाहरण है ।
रामलीला कमेटी के वरिष्ठ संरक्षक व कवि भईया जी अवस्थी उर्फ करुणाकर ने बताया कि आज से 149 वर्ष पूर्व बरिगवां गांव के ही निवासी कुंजबिहारी शुक्ला के द्वारा इस रामलीला की आधारशिला रखी गई थी । उनके ही सानिध्य में प्रतिवर्ष इसका आयोजन होता रहता था । परंतु कुछ वर्षों के बाद किसी विवाद के कारण रामलीला कमेटी भंग हो गई और इस रामलीला कार्यक्रम का आयोजन स्थगित कर दिया गया ।

रामलीला के पुनः संचालन के लिए भईया जी अवस्थी ने कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर आमरण अनशन शुरू कर दिया । इसके बाद कमेटी के सदस्य इस अनशन के आगे नतमस्तक हुए और तब से आज तक इस ऐतिहासिक रामलीला का आयोजन निरंतर किया जा रहा है ।
रामलीला में मंचन के दौरान ताड़का वध सहित अन्य लीला का मंचन हुआ । विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों ने सुंदर अभिनय के माध्यम से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया ।
रामलीला मंचन में महर्षि विश्वामित्र और राजा दशरथ संवाद में राजा दशरथ से राक्षसों के संहार के लिए भगवान राम को मांग करते हैं । जिससे ऋषि मुनियों को राक्षसों के संहार से बचाया जा सके । महर्षि विश्वामित्र भगवान राम को घनघोर दंडक वन में लेकर जाते हैं । जहां पर राक्षसी ताड़का का वास होता है । ताड़का नामक राक्षसी ऋषि-मुनियों पर अत्याचार करती है तथा उनके यज्ञ में बाधा उत्पन्न करती हैं । इस दौरान दंडक वन में भगवान श्री राम और राक्षसी ताड़का के बीच युद्ध होता है । जिसमें मारीच व सुबाहु की बहन राक्षसी ताड़का का भगवान श्री राम वध कर देते हैं । सभी ऋषि मुनि प्रसन्न हो जाते हैं । इसके बाद ताड़का के दोनों भाई मारीच और सुबाहु के साथ भगवान श्रीराम का युद्ध होता है । इस युद्ध में भगवान श्रीराम का बाण लगने से मारीच सौ योजन दूर जाकर गिरता है तथा सुबाहु मृत्यु को प्राप्त होता है । ऋषि विश्वामित्र की आज्ञा पाकर गुरु की पूजा के लिए राम फूल लेने के लिए राजा जनक की वाटिका में जाते हैं । वाटिका में जनक नंदनी सीता अपनी बहनों और सखियों के साथ वाटिका में गौरी पूजा के लिए आती है । वाटिका में श्रीराम और सीता एक दूसरे को वह पहली बार देखते हैं । सीता जी मां पार्वती से अपने मन में पति रूप में श्री राम की कामना करती है । पुष्प वाटिका की सुंदर झांकियों ने दर्शकों का मनमोह लिया ।
इस मौके पर बरिगवां रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अशोक मिश्रा,सतेंद्र वर्मा,भईयाजी अवस्थी,छेदा वर्मा,दीपू अवस्थी,गौरव अवस्थी,ओमप्रकाश,राजेश,अमित उर्फ छोटू,आशु दीक्षित,राजन तिवारी,विपिन,वहरुद्दीन सिद्दीकी, ताहिर सिद्दीकी सहित अन्य सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे ।
