फतेहपुर । जिला समाज कल्याण अधिकारी अवनीश कुमार यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत पुरानी प्रक्रिया को अतिक्रमित करते हुए 28 अगस्त 2023 के द्वारा सामूहिक विवाह के आयोजन एवं जोड़ों के आवेदन हेतु निर्देश निर्गत किये गये हैं ।
योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु अब आवेदिका द्वारा वेबसाइट पर आवेदन किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है,विवाह में सम्मिलित होने हेतु जिला समिति से निर्धारित तिथि से 07 दिवस के पहले तक किये गये आवेदन पत्रों पर बजट की सीमा तक समिति द्वारा विचार किया जायेगा,शेष आवेदन पत्रों को अगली तिथि हेतु अग्रणीत किया जायेगा ।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत एक जोड़े विवाह पर व्यय होने वाली धनराशि सं०-51,000/-है । जिसमें रु0-35,000/ की धनराशि ई-कुबेर प्रणाली से कोषागार के माध्यम से कन्या के खाते में एवं रु० -10,000.00 की सीमा तक प्रत्येक जोड़े को वैवाहिक सामग्री (वस्त्र,बर्तन,पायल,बिछिया,दिवाल पड़ी आदि) परित्यक्ता/शलाकशुदा पुर्नविवाह के प्रकरण में रु० -40,000/-की घनराशि ई-कुबेर प्रणाली से कोषागार के माध्यम से खाते में तथा वैवाहिक सामग्री रू० 5000.00 होगी एवं 6,000.00 प्रति जोड़े की दर से सामुहिक विवाह कार्यक्रम आयोजन पर व्यय किया जाने का प्रावधान है ।
आवेदन की शर्तें –
✓ कन्या के अभिवक जनपद की निवासी होनी चाहिये ।
✓ कन्या/कन्या के अभिभावक निराश्रित निर्धान तथा जरूरतमन्द हो ।
✓ आवेदिका के पिता/माता/अभिभावक की वार्षिक आय रू० 2,00,000/- से अधिक नहीं होनी चाहिये ।
✓ आय प्रमाण पत्र तहसीलदार द्वारा प्रदत्त ही मान्य है ।
✓ विवाह हेतु किये गये आवेदन में पुत्री की आयु शादी की तिथि को कन्या की आयु 18 वर्ष या अधिक होनी चाहिये तथा वर की आयु 21 वर्ष या अधिक होनी चाहिये (आयु की पुष्टि के लिये शैक्षिक रिकार्ड,जन्म प्रमाण पत्र,आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, जॉब कार्ड मान्य होंगे) ।
कन्या अविवाहित हो अथवा विधवा,परित्यकता/तलाकशुदा जिसका कानूनी रूप से तलाक हो गया हो जिसका पुर्नविवाह किया जाना हो पुर्नविवाह का प्रकरण है,तो पूर्व पति की मृत्यु का प्रमाण पत्र होना चाहिये ।
यदि परित्यक्ता/तलाकशुदा पुर्नविवाह का प्रकरण है तो विधिक कानूनी रूप से तलाक होने का प्रमाण पत्र होना चाहिये । अनुसचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछडा वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा । विवाह हेतु निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री दिव्यांगजन अभिभवक की पुत्री ऐसी कन्या जो स्वयं दिव्यांग हो को प्राथमिकता प्रदान की जायेगी ।
आवेदन पत्र के साथ आवेदिका एवं उनके पिता/माता/अभिभावक का घोषणा पत्र प्रस्तुत किया जाये कि कन्या की पूर्व में शादी नहीं हुई है एवं वर्तमान में शादी तय हो गई है । जो सामूहिक विवाह में शामिल होने के लिए सहमत है ।
