कानपुर । हिंदी पत्रकारिता दिवस पर महाराजपुर स्थित ऑक्सफोर्ड कालेज के सभागार में आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह व में संगोष्ठी में वक्ताओं ने पत्रकारों से पारदर्शिता से अपने उत्तरदायित्व का निर्वाहन करने की अपील की गई । वही संगोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व सरस्वती जी का पूजन व हिन्दी पत्रकारिता जगत के पुरोधा गणेश शंकर विद्यार्थी जी के चित्र पर मुख्य अतिथि आलोक शर्मा चेयरमैन ऑक्सफोर्ड कालेज महाराजपुर ने माल्यार्पण करके किया ।
इस मौके पर पत्रकारों ने पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा की विधायिका, कार्यपालिका ,न्यायपालिका के साथ पत्रकारिता जिसे चौथे स्तंभ के रूप में जाना जाता है । उस पत्रकारिता को किसी अधिकारी,कर्मचारी,नेता आदि के साथ भेदभाव न करते हुए पत्रकारिता के उद्देश्य व पारदर्शिता से उत्तरदायित्व का निर्वाहन करें ।
पीड़ित,गरीब व्यक्ति इस चौथे स्तम्भ की तरफ बड़ी उम्मीद के साथ निहारता है । सच्चाई सामने आएगी और उसे न्याय मिलेगा ।
वरिष्ठ पत्रकार अनुराग दीक्षित ने कहा कि 30 मई 1826 को कलकत्ता (कोलकाता) से पहला हिंदी अखबार उदन्त मार्तण्ड निकाला गया था । जिसका सम्पादन जनपद निवासी जुगुल किशोर ने किया था । लेकिन आर्थिक तंगी के कारण इसे डेढ़ साल बाद ही बंद करना पड़ा ।
वही कार्यक्रम के आयोजक सत्यार्थ विक्रम ने आज से 25 वर्ष पूर्व की पत्रकारिता से सम्बंधित विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उस समय जब मोबाइल फोन था और न ही कोई व्यक्तिगत वाहन इसके विपरीत ग्रामीण क्षेत्र में खबरों का स्थलीय संकलन करना एक चैलेंज जैसा था । जबकि वर्तमान समय मे घर बैठे पत्रकारिता हो रही है । उन्होंने पत्रकारों से आह्वान किया कि निष्पक्ष होकर बिना किसी भेद भाव के काम कर पत्रकारिता को मजबूती प्रदान करें ।
इस दौरान संगोष्ठी का संचालन करते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्यामू मिश्रा ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में मेहनत करने वाले पत्रकारो को सम्मान कर आयोजक मण्डल ने जो सम्मान दिया वह स्मरणीय रहेगा । उन्होंने पत्रकारिता जगत के पुरोधा गणेश शंकर विद्यार्थी जी का स्मरण किया । समारोह में शिक्षक संगठन के पदाधिकारी आशीष सिंह ,प्रभात उपाध्याय,विजय श्रीवास्तव,पवन मिश्रा व अनिल सिंह ने भी संबोधित किया ।
कार्यक्रम में की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार सूर्य कुमार मिश्रा ने शुभकामनाएं देते हुए विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज से लगभग 25 वर्ष पूर्व पत्रकारिता करना बड़ा कठिन था । लेकिन अब सोशल मीडिया के समय पत्रकारिता आसान हो गई । इस मौके पर पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया ।
