गाइड दावा शेरपा पिछले हफ़्ते माउंट एवरेस्ट पर लापता हो गए थे और माना जा रहा था कि वो मर चुके हैं ।
नेपाल । माउंट एवरेस्ट पर मृत समझे जा रहे एक नेपाली पर्वतारोहण गाइड छह दिन बाद ज़िंदा मिले हैं । उन्हें बेस कैंप की ओर रेंगते हुए देखा गया ।
गाइड दावा शेरपा को आखिरी बार करीब 7,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप-3 के ऊपर देखा गया था वह एवरेस्ट की चोटी फतह करने के बाद नीचे लौट रहे थे । इतनी ऊंचाई पर हवा में ऑक्सीजन बहुत कम होती है इस लिए उनके ज़िंदा बचने की उम्मीद बेहद कम थी । लेकिन गुरुवार को सफाई अभियान में लगे एक दल ने उन्हें धीरे-धीरे नीचे खिसकते हुए देखा । उनके हाथों में फ्रॉस्टबाइट था । लेकिन उनकी बाकी हालत उम्मीद से बेहतर थी ।
खोज अभियान की निगरानी कर रही कंपनी 8के एक्सपेडिशन के कार्यकारी निदेशक पेम्बा शेरपा ने कहा, “दावा ने तमाम मुश्किलों के बावजूद कई दिनों तक ज़िंदा रहकर दिखाया । यह किसी चमत्कार से कम नहीं है । यह पूरी तरह खुद के दम पर किया गया बचाव है ।”
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक, इस साल अब तक एवरेस्ट अभियान के दौरान पांच लोगों की मौत हो चुकी है । इनमें तीन नेपाली थे, जो पर्वतारोहण की तैयारियों में शामिल थे ।
इस सीजन में एक हज़ार से अधिक लोग एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचे । इससे यह अब तक का सबसे व्यस्त सीजन बन गया । दावा शेरपा को प्रसिद्ध पर्वतारोही एडमंड हिलेरी के सम्मान में “हिलेरी दावा शेरपा” के नाम से भी जाना जाता है । पेम्बा शेरपा के अनुसार जब दावा शेरपा को देखा गया । तब वे बेस कैंप की ओर जाने वाले खुम्बू आइसफॉल क्षेत्र से धीरे-धीरे नीचे उतर रहे थे ।
पेम्बा शेरपा ने कहा “जहां तक मुझे पता है । एवरेस्ट पर इतनी ऊंचाई पर कोई व्यक्ति अकेले इतने दिनों तक ज़िंदा नहीं बचा है । छह दिन तक अकेले रहकर सुरक्षित नीचे उतर आना एक चमत्कार है । मेरा मानना है कि उन्होंने खुद को सुरक्षित रखने के लिए रास्ते में लगे टेंटों का सहारा लिया होगा ।” काठमांडू के एचएएमएस अस्पताल के आईसीयू में उनका इलाज कर रहे डॉक्टर निशांत ढकाल ने बताया कि दावा शेरपा होश में हैं और उनका इलाज जारी है । दावा शेरपा की बेटी म्हेंदो ल्हामो शेरपा ने अस्पताल में उनसे मिलने के बाद रॉयटर्स से कहा “उन्होंने मुझे पहचान लिया । उनकी हालत अच्छी है और वे बात भी कर रहे हैं । हम बहुत खुश हैं ।” दावा शेरपा के मिलने से पहले उनकी 52 वर्षीय पत्नी ने एएफ़पी को बताया था कि उन्होंने उनकी आत्मा की शांति के लिए अंतिम प्रार्थना भी कर दी थी उन्हें लगा था कि अब वे ज़िंदा नहीं हैं ।
