ईरान के सर्वोच्च नेता के संदेश में कहा गया,”हमारे सशस्त्र बलों के बहादुर जवानों के सामने दुश्मन को हार का सामना करना पड़ा है”।
ईरान इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के संस्थापक रुहोल्लाह ख़ुमैनी की पुण्यतिथि पर पिछले छह सालों से ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई भाषण देते थे । लेकिन इस साल ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई का एक लिखित संदेश पढ़कर सुनाया गया । ये संदेश तेहरान के अस्थायी इमाम-ए-जुमा मोहम्मद जवाद हाज-अली-अकबरी ने पढ़ा ।
संवाददाता के मुताबिक संदेश में कहा गया, “हमारे सशस्त्र बलों के बहादुर जवानों के सामने दुश्मन को हार का सामना करना पड़ा है । ख़ास तौर पर सैन्य लड़ाई और मैदानों और सड़कों पर मिली कड़ी जवाबी कार्रवाई के कारण दुश्मन को गहरी और अपमानजनक हार झेलनी पड़ी है ।”
संदेश में आगे कहा गया “दुश्मन अपनी संयुक्त रणनीति को दो बातों पर केंद्रित कर रहा है । पहली, जनता के धैर्य और सहनशक्ति को कमज़ोर करना, और दूसरी देश के अधिकारियों की सोच और निर्णय लेने की प्रक्रिया में गलतियां पैदा करना ।”
मोजतबा ख़ामेनेई के हवाले से कहा गया कि दुश्मन का सबसे बड़ा हथियार लोगों के बीच शक, अविश्वास और मतभेद पैदा करना है ।
उन्होंने दुश्मन की योजनाओं को नाकाम करने के लिए लोगों से एकजुट रहने, आपसी भरोसा बनाए रखने और मजबूती से एकजुट रहने की अपील की है ।
जारी संदेश में यह भी कहा गया,”इन बातों को मजबूत करने में सरकारी अधिकारियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है । ऐसा कोई भी काम, जिससे लोगों में निराशा, अविश्वास या हताशा पैदा हो,देश और उसके लोगों के दुश्मनों की मदद करने जैसा माना जाएगा ।”
रिपोर्ट के मुताबिक़ अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद से ईरान के सर्वोच्च नेता सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं । उनकी ओर से केवल लिखित संदेश जारी किए गए हैं, जिन्हें दूसरे लोग सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाते रहे हैं ।
