नई दिल्ली । पेमेंट्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने शुक्रवार को कहा कि उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों के लिए यूपीआई ट्रांजैक्शन पर कोई फीस नहीं लगेगी । छोटे व्यापारियों में किराना दुकानदार भी शामिल हैं ।पेमेंट्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया ने ये स्पष्टीकरण कुछ बिज़नेस के लिए मर्चेंट चार्ज शुरू करने की ख़बरों के बाद जारी किया था । पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) ने पेमेंट्स काउंसिल के स्पष्टीकरण से जुड़ी ख़बर को अपने एक्स हैंडल से शेयर किया है ।
शनिवार को पेमेंट्स ऐप फोनपे के फाउंडर और सीईओ समीर निगम ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि यूपीआई पेमेंट्स पर कंज्यूमर से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा । उन्होंने लिखा कि यूपीआई फ़्री है और भारत के सभी उपभोक्ताओं के लिए फ़्री रहेगा इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा था कि डिजिटल ट्रांजैक्शन पर लगने वाला मर्चेंट डिस्काउंट रेट सिर्फ़ व्यापारियों पर लागू होता है, कस्टमर पर नहीं । निर्मला सीतारमण,कांग्रेस नेता जयराम रमेश के उस बयान का जवाब दे रही थीं,जिसमें उन्होंने कहा था कि यूपीआई इस्तेमाल करने वाले लोगों को अब ज़्यादा पैसा देना होगा ।
सीतारमण के इस बयान पर अर्थशास्त्री जयति घोष ने एक्स पर लिखा “इस बयान की आर्थिक मूर्खता को अलग भी रख दें, तो भी आख़िरकार इसकी लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा ।”
“यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले ज़्यादातर ‘मर्चेंट’ छोटे और माइक्रो बिज़नेसमैन हैं । यानी आम लोगों पर ज़्यादा लागत का बोझ डाला जाएगा । ताकि अमेरिकी वित्तीय कंपनियों को फ़ायदा पहुंचाया जा सके । और यह सब ट्रंप को खुश करने की एक और बेकार कोशिश में हो रहा है ।” संसद में मंगलवार को पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट में प्रस्तावित संशोधन पेश किए गए ।
इसके बाद ऐसी ख़बरें आने लगी थीं कि यूपीआई पर चार्ज लग सकता है । जिस पर सरकार ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि इस पर कोई चार्ज नहीं लगेगा ।
