अमेरिका । राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व निजी वकील टॉड ब्लांच को अमेरिका का नया अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया गया है । वह देश के शीर्ष कानून प्रवर्तन अधिकारी होंगे । ब्लांच के नाम की पुष्टि सीनेट में 50-49 वोट से हुई । रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कॉलिन्स और लिसा मुर्कोव्स्की ने उनके ख़िलाफ़ वोट किया । वहीं, सीनेटर बिल कैसिडी निर्णायक वोट साबित हुए । उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से पेश किए जाने वाले विकल्पों में ब्लांश सबसे बेहतर हैं । कैसिडी के फ़ैसले पर सबकी नजरें थीं क्योंकि ट्रंप और इस रिपब्लिकन सीनेटर के बीच लंबे समय से मतभेद चले आ रहे हैं । ब्लांच की नियुक्ति के साथ सीनेट के रिपब्लिकन सदस्यों और ट्रंप प्रशासन के बीच लंबे समय से चला आ रहा गतिरोध भी ख़त्म हो गया । वह अप्रैल से कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल के तौर पर काम कर रहे थे डेमोक्रेटिक पार्टी के सभी सीनेटरों ने उनके नामांकन के ख़िलाफ़ वोट किया ।
ब्लांच को लेकर कुछ रिपब्लिकन सीनेटरों ने जेफ़्री एप्स्टीन से जुड़े दस्तावेजों को जारी करने के उनके तरीके़ और ट्रंप के 1.8 अरब डॉलर के “एंटी-वेपनाइज़ेशन” फ़ंड को स्थापित करने में उनकी भूमिका पर चिंता जताई थी । इस फ़ंड के ज़रिए उन लोगों को मुआवज़ा देने की योजना थी । जिनका आरोप था कि सरकार ने उन्हें निशाना बनाया हालांकि लिसा मुर्कोव्स्की समेत कुछ आलोचकों को आशंका थी कि इसका लाभ उन लोगों को भी मिल सकता है । जिन पर 6 जनवरी को अमेरिकी संसद पर हुए हमले में शामिल होने के लिए मुक़दमा चलाया गया था ।
सीनेट में सुनवाई के दौरान रिपब्लिकन सांसदों की आपत्तियों के बाद ब्लांच ने आख़िरकार इस फ़ंड को वापस लेने का भरोसा दिया था ।
