पश्चिम बंगाल । तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने कहा है कि साइबर फ्रॉड का असर सभी पर एक जैसा नहीं पड़ रहा है इसका सबसे नुक़सान असर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को हो रहा है ।
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा “मैंने गृह मंत्रालय के आधिकारिक पीआईबी हैंडल से आंकड़े मांगे थे । गृह मंत्रालय ने जो जवाब दिया । उसके मुताबिक़ केवल साल 2025 में 4.6 लाख से ज़्यादा महिलाओं ने साइबर फ़्रॉड की शिकायतें दर्ज कीं और उन्हें 3,764 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुक़सान हुआ ।”
“वरिष्ठ नागरिकों ने 1 लाख से ज़्यादा शिकायतें दर्ज कीं, लेकिन उनका नुक़सान इससे भी ज़्यादा रहा उन्हें चार हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुक़सान हुआ ।”
सागरिका घोष ने लिखा “केंद्र सरकार का कहना है कि वह राज्य सरकारों के प्रयासों में सिर्फ सहयोग करती है । इसके लिए नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और सिटिज़न फ़ाइनेंशियल साइबर फ़्रॉड रिपोर्टिंग सिस्टम जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता है ।”
उन्होंने कहा कि महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के ख़िलाफ़ होने वाले फ़्रॉड को लेकर कोई समर्पित राष्ट्रीय रणनीति नहीं है, जबकि ये दो सबसे संवेदनशील समूह हैं “वरिष्ठ नागरिकों को अक्सर डिजिटल अरेस्ट स्कैम, फर्जी केवाईसी कॉल और ओटीपी फ्रॉड के ज़रिए निशाना बनाया जाता है । इन तरीकों में तकनीक की कम जानकारी का फ़ायदा उठाया जाता है ।”
